पीडीडीयू नगर। गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी की रफ्तार कुछ थमी है। पिछले 24 घंटे में 20 सेमी तक जलस्तर बढ़ा है। प्रति घंटे एक सेमी की गति से जलस्तर में बढ़ाव हो रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार की शाम छह बजे तक जलस्तर 69.2 मीटर तक पहुंच गया। इसके पहले शुक्रवार की शाम छह बजे तक 69 मीटर था। इस समय गंगा चेतावनी बिंदु से 1.06 मीटर नीचे बह रही है। नावों के संचालन पर रोक लगा दी गई है।
पड़ाव, कुंडा खुर्द, कुंडा कला सहित अन्य गांवों में खेतों के समीप तक गंगा जल स्तर पहुंच गया है। चहनिया और धानापुर ब्लॉक के तटवर्ती इलाकों में सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया है। यही नहीं बलुआ सहित अन्य घाटों पर चेंजिंग रूम पानी में डूब गया है। वहीं श्ममान घाट डूबने से लोगों को अंतिम संस्कार में दिक्कत हो रही है। प्रशासन ने गंगा में नावों का संचालन बंद कर दिया है। हालांकि कुछ नाविक बिना लाइफ जैकेट के नाव चला रहे हैं।
जिले में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर है। वहीं 71.262 मीटर पर खतरे का निशान है। वहीं 09 सितंबर 1978 को आई बाढ़ के दौरान गंगा का जल स्तर सर्वाधिक 73.901 मीटर तक पहुंच गया था। इस तरह वर्तमान में जिले में गंगा चेतावनी बिंदु से 1.06 मीटर नीचे हैं।
टांडाकला संवाददाता के अनुसार गंगा नदी में लगातार हो रही जलस्तर की वृद्धि और तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने टांडा-कैथी घाट पर संचालित सरकारी मुफ़्त नाव सेवा को शनिवार की दोपहर 12 बजे से अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। यह प्रतिबंध गंगा का जलस्तर सामान्य होने तक लागू रहेगा। घाट दरोगा दीना सिंह ने बताया कि ऊपरी बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पानी की रफ्तार इतनी तेज है कि नाव बहने का गंभीर खतरा बना हुआ है।
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बलुआ में श्मशान घाट डूबा, अंतिम संस्कार में परेशानी
चहनिया। गंगा की बाढ़ में बलुआ स्थित श्मशान घाट डूब गया है। इससे लोगों को अंतिम संस्कार करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, तटवर्ती इलाकों में लोगों की चिंता बढ़ गई है।
बलुआ घाट पर बना श्मशान घाट डूबने से चिताएं जलाने के लिए जगह नहीं बची है। लोग मजबूरी में ऊंचे टीलों पर शवों का दाह संस्कार कर रहे हैं। बारिश के बीच लकड़ी गीली होने से और भी दिक्कत आ रही है। वहीं गंगा के तटवर्ती गांव महुआरी, बिसुपुर, कांवर, महुआर कला, सराय, सरौली सहित दर्जन भर गांवों में पानी खेतों में घुसने लगा है।
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नगवा-चोचकपुर घाट पर नाव संचालन बंद
धानापुर। गंगा में बाढ़ को देखते हुए नगवा-चोचकपुर घाट पर नाव का संचालन बंद कर दिया गया है। इससे दोनों ओर से आने-जाने वालों की परेशानी बढ़ गई है पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता आरके चौहान ने बताया कि गंगा के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए नगवा-चोचकपुर घाट पर नाव संचालन रोक दिया गया है। नदी में पानी के तेज बहाव को देखते हुए नाव का संचालन यात्रियों के लिए जोखिम भरा हो सकता है।