गंगा की बाढ़ का पानी मंगलवार को वाराणसी - मुगलसराय हाईवे पर लहराने लगा है। बाढ़ के पानी से जनपद के सात और गांव संपर्क मार्ग से कट गए। इस तरह अब तक कुल 41 गांव बाढ़ के चलते अलग थलग हो गए हैं। मंगलवार की सुबह की शाम आठ बजे गंगा का जलस्तर 72.48 मीटर पर था जो खतरे के निशान से 122 सेंटीमीटर ऊपर है। बाढ़ नियंत्रण अधिकारी बीबी पांडेय के अनुसार सोमवार को गंगा एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ी। बाढ़ का पानी 81 गांवों में पहुंच चुका है।
दुलहीपुर संवाददाता के अनुसार मुगलसराय तहसील के कुंडा खुर्द, भिसौड़ी, मवई कला, कुंडा कला, करवत, डांडी, बहादुरपुर, मढ़िया, चौरहट, बखरा, सहजौर, शकूराबाद, लेड़ुआपर आदि गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। वहीं कुंडा खुर्द, कुंडा कला, मवई कला और भिसौड़ी गांवों का लोगों ने बताया कि हम लोग बाढ़ से पूरी तरह घिर चुके हैं लेकिन प्रशासन की तरफ से अभी तक राहत और बचाव के कोई उपाय नहीं किए गए। गांव छोड़कर हम लोग तीन दिनों से सड़क पर आ गए हैं लेकिन प्रशासन हम लोगों की कोई सुधि नहीं ले रहा है। बाढ़ के चलते अब तो सड़कों पर भी पानी भरने लगा है। धानापुर संवाददाता के अ़नुसार क्षेत्र का गुरैनी, नगवां, अमादपुर, नरौली, प्रहलादपुर, दीयां, प्रसहटा, गद्दोचक, बुद्धपुर, बीरासराय, जिगना आदि गांवों का संपर्क कट चुका है जबकि नौघरा, सीतापट्टी, मुरलीपुर, हिंगुतरगढ़ समेत एक दर्जन से अधिक गांवों में पानी प्रवेश कर रहा है। चहनियां संवाददाता के अनुसार बलुआ बाजार में नदी का पानी ऊपर तक आ गया है। वहीं मुकुंदपुर, पूरा विजई, पूरा गणेश, नादी, निधौरा, भूपौली, कैली, कुुरहना, रौना, महुअर समेत दो दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। टांडाकला संवाददाता के अनुसार तिरगांवा, हसनपुर, नदेसर, मारुफपुर समेत एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।