इस वर्ष तीसरी बार गंगा का जल स्तर बढ़ने लगा है। बुधवार को चौबीस घंटे में आधा मीटर तक गंगा का जल स्तर बढ़ा है। हालांकि अभी ज स्तर चेतावनी बिंदू से तीन मीटर नीचे है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार की सुबह साढ़े आठ बजे तक 77.2 मिली मीटर बारिश हुई है। इससे गंगा का जल स्तर तेजी से बढ़ा है।
बुधवार की शाम छह बजे तक गंगा का जल स्तर 67.22 मीटर रहा। जिले में गंगा का चेतावनी बिंदू 70.262 मीटर है। वहीं खतरे का निशान 71.262 मीटर पर है। जबकि उच्चतम बिंदू 73.901 मीटर है। गंगा का जलस्तर वर्ष 1978 में आई बाढ़ के दौरान उच्चतम बिंदू तक पहुंचा था। तटवर्ती इलाके के लोगों की मानें तो चौबीस घंटे में गंगा का जलस्तर लगभग आधा मीटर तक बढ़ा है।
टांडाकला संवाददाता के अनुसार स्थानीय ग्राम सभा में गंगा नदी के जलस्तर एक हफ्तों से लगातार घट रहा था, लेकिन बुधवार को सुबह से ही तेजी से बढ़ने लगा। शाम तक दो फुट के ऊपर पानी बढ़ा है। एकाएक पानी बढ़ने से मछुआरे की नाव जो किनारे बंधी हुई थी वह पानी में हो गई। पानी तेजी से बढ़ने से मछुआरे अपनी नाव किनारे बांधने लगे। तटवर्ती इलाके में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ने लगी है।