पड़ाव चौराहे पर जाम की समस्या नासूर का रूप लेती जा रही है। जिला प्रशासन के पास लोगों को इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए कोई योजना नहीं है। पूर्व में बनाई गई कुछ योजनाएं भी बेअसर ही साबित हुई हैं। वाराणसी में राजघाट के आगे सड़क पर किसी वाहन के खराब हो जाने के कारण बुधवार को भी चौराहा लगभग चार घंटे जाम में जकड़ा रहा। इससे राहगीरों को काफी परेशानी हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद किसी प्रकार जाम छुड़ाया।
कभी मार्ग मरम्मत, कभी संकरी पुलिया तो कभी वाहनों के सड़क पर खराब हो जाने के कारण यहां अक्सर जाम की समस्या बन जाती है। वहीं चौराहे पर सवारी ढ़ोने वाले वाहनों के बेतरकीब खडे़ होने से भी जाम लग जाया करता है। बुधवार को वाराणसी मार्ग पर भदऊ चुंगी की पुलिया में वाहन खराब हो जाने से पड़ाव चौराहे सहित रामनगर, मुगलसराय व राजघाट मार्ग पूरी तरह जाम के चपेट मे आ गया। जाम इतना भयंकर था कि पैदल चलने को भी रत्ती भर जगह नहीं मिल पा रही थी। जाम से जहां राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा वहीं मरीज ले जा रहा एक एंबुलेंस भी इसमें फंसा रहा। पुलिस ने खूब पसीना बहाकर लगभग चार घंटे बाद जाम छुड़ाया। इसके बाद राहगीरों ने राहत की सांस ली।
तीन जिलों को जोड़ने वाला पड़ाव चौराहा इन दिनों लगने वाले जाम के कारण मशहूर हो गया है। इसकी पहचान जाम लगने वाले चौराहे के रुप में हो गई है। चौराहे से मिर्जापुर, सोनभद्र, वाराणसी सहित बिहार के राहगीर आवागमन करते हैं। वहीं चौराहे के आसपास मौजूद दर्जनों आश्रम के श्रध्दालुओं का भी आवागमन होता रहता है। इसके बावजूद जिला प्रशासन की ओर से जाम की समस्या के समाधान की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। केवल पिकेट पर तैनात सिपाहियों के कंधे पर यातायात व्यवस्था थोपकर सभी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। वहीं चौराहे के आसपास कई ट्रांसपोर्ट होने के कारण यहां हर समय बड़े वाहनों का आवागमन होता रहता है। शीघ्र ही बेरिकेटिंग के बाहर वाहन खड़ा करने वाले चालकों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। साथ ही अवैध अतिक्रमण भी हटाए जाएंगे। त्रिपुरारी पांडे, सीओ सदर।