सदर तहसील परिसर में गुरुवार को खतौनी की नकल लेने के लिए पहुंचे किसानों
और अधिवक्ताओं ने नकल नहीं मिलने से नाराज होकर खूब हंगामा किया।
साथ
ही आरोप लगाया कि कर्मचारी कुछ खास लोगों को ही खतौनी की नकल प्रदान कर
रहे थे, लेकिन आम लोगों को प्रिंटर खराब होने की बात कहकर टरका दे रहे थे।
इस बाबत तहसीलदार ने बताया कि प्रिंटर खराब चल रहा है, वैकल्पिक व्यवस्था
के तहत लोगों को खतौनी की नकल दी जा रही है।
दरअसल किसान पंजीकरण के
लिए इस समय खतौनी को लेकर मारामारी मची हुई है। प्रतिदिन खतौनी के लिए औसतन
आठ सौ आवेद न आ रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को किसान और कुछ अधिवक्ता
खतौनी के लिए तहसील स्थित कार्यालय में पहुंचे। वहां कर्मचारियों ने बताया
कि प्रिंटर विगत एक सप्ताह से खराब पड़ा हुआ है। इसलिए खतौनी देने में
परेशानी हो रही है।
कार्यालय के बाहर धीरे-धीरे लोगों की भीड़ बढ़ने लगी।
इसी बीच कर्मचारियों ने कुछ लोगों को खतौनी की नकल निकालकर दी। यह देखकर
वहां मौजूद अन्य लोग नाराज हो गए और खतौनी कार्यालय के बाहर हंगामा करने
लगे। कहा कि कर्मचारियों का दोहरा रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हंगामे
की जानकारी होने के बाद सदर तहसीलदार ने कार्यालय में दूसरा प्रिंटर लगाकर
खतौनी की नकल प्रदान करने की प्रक्रिया को शुरू कराया, तब जाकर लोगों का
गुस्सा शांत हुआ।
इस बाबत तहसीलदार ने बताया कि खतौनी कार्यालय में लगा
प्रिंटर खराब होने के बाद भी वैकल्पिक व्यवस्था के तहत खतौनी की नकल देने
का काम शुरू कराया गया है। नए प्रिंटर के लिए शासन को जल्द ही पत्र लिखा
जाएगा।