पीडीडीयू नगर। जीआरपी ने इसी वर्ष 13 फरवरी को पीडीडीयू जंक्शन से बच्चा चोरी करने के मामले में फरार चल रहे व्यक्ति को बिहार के मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार किया है।
बावजूद इसके स्टेशन से पूर्व में चोरी हुए बच्चों को अब तक पता नहीं चला। पं दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से पिछले तीन साल में 4 बच्चे चोरी हुए। इसमें से दो तो मिल गए लेकिन दो का पता आज तक नहीं चला।
पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर बच्चा चोरी का सबसे पहला मामला 29 अगस्त 2023 की रात हुआ था। सर्कुलेटिंग एरिया में नए रिजर्वेशन भवन के समीप से भोर में मां के साथ सोए नौ माह के बच्चे प्रिंस की चोरी हो गई थी।
मांग कर खाने वाली महिला के बच्चे की चोरी की घटना पीडीडीयू जंक्शन पर पहली बार हुई थी। उस मासूम का आज तक नहीं पता चला। इस घटना के एक सप्ताह के भीतर 03 सितंबर 2023 को बिहार के औरंगाबाद जिले के जमालपुर निवासी नवीन सिंह की पत्नी रीना सिंह अपने दो वर्षीय बेटे समर को लेकर ट्रेन से पीडीडीयू जंक्शन पर आई थीं।
यहां यात्री हॉल से मासूम समर गायब हो गया। आरपीएफ और जीआरपी ने तीन दिन बाद चंदौली मझवार स्टेशन के पास से मासूम को बरामद किया। इस दौरान सविता निवासी औरंगाबाद बिहार को गिरफ्तार किया। 22 जून 2024 को सोनाव थाना बेलाव, जिला कैमूर बिहार निवासी अजय कुमार पत्नी ज्योति के साथ हैदराबाद जाने के लिए पीडीडीयू जंक्शन पर पहुंचे थे।
यहां प्लेटफॉर्म पांच से छह माह की बच्ची अनन्या गायब हो गई। उसका आज तक पता नहीं चला। इसी वर्ष 13 फरवरी को जंक्शन से खिलौना बेचने वाले दंपती के दो वर्ष का बेटा दिव्यांशु चोरी हो गया। जीआरपी ने प्रयास कर तीसरे दिन स्टेशन के समीप से ही बच्चे को बरामद कर लिया और 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इस मामले में मुख्य सरगना मोहम्मद नसीम निवासी अली नेउरा थाना मीनापुर जिला मुजफ्फरपुर बिहार फरार हो गया। 5 माह बाद सूचना पर जीआरपी ने बृहस्पतिवार को मुजफ्फरपुर पहुंच कर मीनापुर थाना अंतर्गत गंगा सागर पुल हनुमान मंदिर के पास से गिरफ्तार किया।
जीआरपी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी का चालान किया गया है। अन्य बच्चों की तलाश की जा रही है। संवाद