गार्गी सिंह ने कहा कि यह मामला केवल व्यक्तिगत विवाद नहीं है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला के घर इस तरह रात में जाकर दबाव बनाने या अनुचित व्यवहार करने की कोशिश की जाती है तो यह बेहद गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और अब वह न्याय की उम्मीद कर रही हैं। साथ ही उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
उधर, इस पूरे मामले को लेकर जिले में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। गौरतलब है कि इससे पहले पूर्व प्रधान बिरेंद्र यादव ने गार्गी सिंह पटेल के आरोपों को निराधार बताते हुए स्वयं को निर्दोष बताया था और कहा था कि विवाद के दौरान उन्हें भी चोटें आई थीं। अब गार्गी सिंह के ताजा बयान के बाद यह मामला और अधिक चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।