क्षेत्र के रामपुर गांव में तीसरे चरण के मतदान की रात में पुलिस के रामपुर
गांव में उत्पात मचाने के बाद राजनीतिक दलों के नेताओं के गांव में
पहुंचने का सिलसिला जारी है।
बुधवार को दिन में 11 बजे पूर्व सांसद
रामकिशुन यादव गांव में पहुंचे और पीड़ित ग्रामीणों से मिलकर हाल जाना।
आश्वासन दिया कि यह घटना दुखद है और इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ
कार्रवाई होनी चाहिए।
बरहनी विकास खंड क्षेत्र के रामपुर गांव में पांच
दिसंबर की रात पुलिसिया तांडव की खबर के बाद बुधवार को चंदौली के पूर्व
सांसद रामकिशुन यादव रामपुर गांव पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।
लोगों ने अपना दुखड़ा बताया। पूर्व सांसद ने लोगों को जिला प्रशासन पर
विश्वास रखते हुए न्याय का इंतजार करने को कहा। ग्रामीणों के साथ पुलिसिया
व्यवहार निंदनीय है। इसकी जितना भी निंदा की जाए कम है।
कानून का पालन
कराने वाली पुलिस ने कानून को ताक पर रख कर घरों में घुसकर तोड़ फोड़ की
है। कहा कि पुलिस की कार्रवाई कहीं से उचित नहीं है। कहा कि डीएम ने
मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ
कार्रवाई होगी।
इसके पूर्व ग्रामीणों ने कहा कि थानाध्यक्ष कंदवा और
चौकी प्रभारी रामपुर के ऊपर कार्रवाई होने चाहिए। सांसद ने ग्रामीणों से
शांति बनाए रखने की अपील की। कहा, जल्द ही जांच की रिपोर्ट आ जाएगी।
जांच
में जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इस
दौरान सपा नेता महेंद्र सिंह, श्यामनारायण यादव, महेश्वर सिंह, राधेश्याम,
मुन्ना पांडेय, विजयनारायण सिंह, संतोष सिंह, तेज बहादुर यादव आदि रहे।
पहली बार दिखे बड़ी संख्या में ग्रामीण
कंदवा।
रामपुर गांव में पांच दिसंबर की रात के बाद पहली बार बड़ी संख्या में
ग्रामीण गांव में दिखे। पुलिसिया उत्पीड़न के चलते नवयुवकों और युवाओं ने
गांव छोड़ दिया था लेकिन सत्ताधारी पार्टी के पूर्व सांसद रामकिशुन यादव की
आने की खबर सुनकर गांव छोड़कर भागे युवक भी रामपुर पहुंचे और पूर्व सांसद
से मिले।