गार्गी सिंह पटेल प्रकरण में पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने तोड़ी चुप्पी।
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पीड़िता ने आरोप लगाया-मिली थी धमकी
मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के मढिया गांव में सपा महिला जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने देर रात करीब 1:30 बजे पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि एक सप्ताह पहले लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में हुई बैठक के दौरान सपा नेता सिद्धांत जायसवाल निवासी रामनगर, वाराणसी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी।
गार्गी सिंह का आरोप है कि उनकी राजनीतिक छवि खराब करने और उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया गया। वहीं, सिद्धांत जायसवाल ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यदि उन्होंने पहले धमकी दी थी तो उस समय मुकदमा क्यों नहीं दर्ज कराया गया। उन्होंने कहा कि बैठक के बाद उनकी गार्गी सिंह से कोई मुलाकात नहीं हुई। उनकी राजनीतिक छवि खराब करने के लिए साजिश रची जा रही है। उन्होंने मामले को निजी विवाद से जुड़ा बताया।
प्राथमिकी के अनुसार, मढिया पड़ाव निवासी गार्गी सिंह पत्नी सुजीत कुमार सिंह बृहस्पतिवार सुबह घर पर थीं। इसी दौरान उनके जमीन कारोबार के साझेदार प्यारे मामा निवासी सूजाबाद पड़ाव घर पहुंचे। आरोप है कि कुछ देर बाद उर्मिला यादव, अमित यादव, मनोज यादव और मोनी यादव समेत अन्य लोग घर में घुस आए और हमला कर दिया।
पीड़िता के मुताबिक आरोपियों ने लाठी, डंडे और लोहे की रॉड से मारपीट की। बाल पकड़कर घसीटा गया, जिससे शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं। मारपीट के दौरान गले से सोने की चेन और लकेट, कान की बाली तथा नाक की पिन छीनने का भी आरोप लगाया गया है।
घर में मौजूद बच्चों प्रतिज्ञा सिंह और प्रगति सिंह के साथ भी मारपीट किए जाने की बात कही गई है। पीड़िता का दावा है कि पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल महिला को मुगलसराय राजकीय अस्पताल भेजा, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों ने शरीर में कई जगह फ्रैक्चर की पुष्टि की है।
अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर ने बताया कि कारोबार संबंधी विवाद में घटना हुई है। पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।