नौ अप्रैल को पटना राजधानी एक्सप्रेस में डकैती में शामिल लोगों के पकड़े जाने से लुटेरों के बेहद शातिर होने का राज सामने आया। गहमर के समीप पहले तो लुटेरों के गिरोह ने पटरियों के जोड़ में सिक्का रगड़ कर सिग्नल लाल कर दिया और इसके बाद वे दो कोच के बोगियों के नीचे से फुट प्लेट हटाकर घुसे और यात्रियों का सामान लूट ले गए। हावड़ा दिल्ली रूट पर चोरों का आतंक बना हुआ है। गया और पटना से मुगलसराय के बीच प्रतिदिन किसी न किसी ट्रेन में यात्रियों का सामान गायब होता ही है। यही नहीं जीआरपी और आरपीएफ भी लगातार चोरों को गिरफ्तार करती है, लेकिन नौ अप्रैल की भोर में पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल के गहमर रेलवे स्टेशन के समीप डाउन पटना राजधानी के तीन बोगियों में यात्रियों से हुई लूट की घटना ने रेल मंत्रालय तक को हिला दिया।
चोरों को पकड़ने के लिए टीम गठित की गई। जांच का पहला बिंदु ट्रेन खड़ी होने को लेकर हुआ। जब इस गैंग से जुड़े लोगों की धड़पकड़ की गई तो नए ट्रेंड का पता चला। यात्रा के दौरान रात में चलती ट्रेन के दरवाजे और खिड़कियों को न खोलने की हिदायत बार-बार दी जाती है। स्टेशन के आउटर पर ट्रेनों में चढकर यात्रियों के लूट-पाट की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। जबकि लेकिन इस बार चोरों के नए ट्रेंड ने सुरक्षा बलों के होश उड़ा दिए हैं। ।