जिले में गोधना मोड़ से चकिया के मुरारपुर तक 300 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन का निर्माण किया जा रहा है। इसके पहले बनी सड़क के किनारे बहने वाली गरई और चंद्रप्रभा नदी का पानी बरसात व बाढ़ के दिनों में सड़क पर आ जाता था। इससे कई स्थानों पर आवागमन बाधित हो जाता था।
इस समस्या के समाधान के लिए फोरलेन का निर्माण करा रहे पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड की ओर से लेन के पांच स्थानों पर लघु सेतु बनाने की योजना बनाई गई है। योजना के अनुसार पांडेयपुर, चंदाइत, शिवनाथपुर, छलका और बबुरी बाजार में लघु सेतु का निर्माण किया जाना है।
पांडेयपुर, चंदाइत, शिवनाथपुर व दूदे स्थित छलका में गरई नदी पर और बबुरी बाजार में चंद्रप्रभा नदी पर लघु सेतु का निर्माण किया जाएगा। दरअसल, गरई और चंद्रप्रभा जैसी नदियों के उफान पर आने या चंद्रप्रभा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण पीडीडीयू नगर-चकिया मार्ग (खासकर बबुरी के पास) पर सड़क पर बाढ़ का पानी भर जाता है। जलस्तर बढ़ने से मार्ग पर दो से पांच फीट तक पानी बहने लगता है जिसके चलते आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है। लोगों को सगड़ी या रिक्शे पर बाइक रखकर रास्ता तय करना पड़ता है।
बाढ़ के कारण मोहया, दूदे, चितौड़ी, बबरी और नगई के लोगों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट जाता है। ग्रामीणों को दूध, सब्जी, और दवा जैसी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जान जोखिम में डालकर वैकल्पिक रास्तों या जलमग्न मार्गों से गुजरना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए फोरलेन निर्माण के दौरान पांच लघु सेतु बनाने की योजना बनाई गई है। संवाद