पीडीडीयू नगर। लोक आस्था के महापर्व डाला छठ पर बृहस्पतिवार की शाम को गंगा और तालाबों पर पांच लाख से ज्यादा लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। 17 गंगा घाटों और 68 तालाबों पर एक लाख से ज्यादा व्रतियों ने अस्ताचलगामी अर्घ्य देकर सुख समृद्धि की कामना की। वहीं, जगह-जगह छठ मइया के गीत गूंजते रहे।
घरों में सुबह से अर्घ्य देने की तैयारियां शुरू हो गई थीं। व्रती महिलाओं ने स्नान के बाद सूप और दउरी तैयार की। इसमें फल, ठेकुआ, चावल से बनी मिठाई, फूल, माला, दीपक, रोरी, सिंदूर, कपूर, अगरबत्ती आदि सजाकर दोपहर बाद परिवार के लोगों के साथ सरोवर, नदी घाटों की ओर चल पड़े।
विभिन्न इलाकों से व्रती बैंडबाजा के साथ भी सरोवर पर पहुंचे तो कुछ महिला व्रती घाटों पर लेट कर पहुंची। नगर के दामोदरदास पोखरा, राम मंदिर, माल गोदाम पोखरा, मानस नगर स्थित मानसरोवर तालाब, सिकटिया, अलीनगर स्थित रामजानकी पोखरा पर अर्घ्य देने के लिए व्रती पहुंचे। जल में उतरी और कमर भर पानी होने में खड़े होकर भगवान भाष्कर के अस्त होने का इंतजार किया।
पूूजा समिति के सदस्यों ने व्रतियों को अर्घ्य के लिए दूध और जल उपलब्ध कराए। आस्थावानों की भीड़ उमड़ने से घाटों पर जगह कम पड़ गई। कंदवा क्षेत्र में बरूइन, जलालपुर, तलासपुर, कोदई, कंजेहरा, पई, असना, अरंगी, कम्हरिया, अमड़ा, भदखरी, बरहनी, घोसवा, जमुड़ा, सुढना, ककरैत, ओयरचक, करौती, अदसड़ आदि गांवों में तालाबों व नहरों पर काफी भीड़ रही।