रामनगर पड़ाव और पड़ाव मुगलसराय मार्ग पर शुक्रवार को मरम्मत कार्य किए जाने से ट्रैफिक वन वे कर दिया गया है।
इससे
दोनों मार्गों पर शुक्रवार को पांच से छह घंटे तक जाम की स्थिति रही।
दोनों मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और दिन भर चिल्ल-पों मची
रही। जाम से आवागमन करने में लोगों को परेशानी हुई। सर्वाधिक दिक्कत
स्कूली बच्चों और मरीजों को हुई।
जीटी रोड पर डांडी गांव के समीप
शुक्रवार की सुबह खराब सड़क की मरम्मत शुरू कर दी गई। इसके लिए सड़क को वन
वे कर दिया गया। अत्यंत व्यस्त सड़क पर ट्रैफिक वन वे किए जाने से वाहनों
की कतार लग गई। धीरे धीरे सड़क के दोनों तरफ जाम की स्थिति बढ़ती गई और
दोपहर दो बजे तक पड़ाव से चंदासी तक सड़क पर जाम लग गया।
इसी तरह पड़ाव
रामनगर मार्ग पर मरम्मत की वजह से यहां भी तीन किलोमीटर तक जाम की स्थिति
हो गई। जाम से बचाव के लिए सड़क पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई लेकिन
जाम नहीं हटा। पुलिस कर्मियों के दिन भर पसीना बहाने के बावजूद सड़क पर जाम
की स्थिति रही।
ऐसे में वाराणसी जाने वाले यात्री घंटों जाम में फंसे रहे।
सर्वाधिक दिक्कत स्कूली बच्चों को हुई। दोपहर में स्कूली वाहन चींटी की
चाल आगे बढ़ते रहे और उमस भरी गर्मी की वजह से बच्चे परेशान दिखे। इसी तरह
जाम में एंबुलेंस भी फंसा रहा और मरीजों को परेशानी हुई।
जाम में फंसे
लोगों का कहना रहा कि यदि सड़क मरम्मत ही करनी थी तो रात में समय होनी
चाहिए। इससे इतनी दिक्कत नहीं होती। जाम की वजह से आटो रिक्शा, विक्रम आदि
छोटे वाहन चालकों ने भी यात्रियों से निर्धारित किराया से अधिक पैसे की
वसूली की।
इस तरह लोगों को दोहरा परेशानी झेलनी पड़ी। लोगों का कहना है कि
जाम की समस्या गलत ढंग से वाहन चलाने की वजह से हुई। जाम से बचने के लिए
वाहन चालक गलत दिशा में घुस रहे थे और पुलिस भी उन्हें नहीं बोल रही थी।
इससे स्थिति गंभीर हुई।
प्रतिदिन यात्रा करने वाले तो रास्ता बदल कर बाइपास
होकर वाराणसी चले गए लेकिन मुगलसराय से दुल्हीपुर, डांडी, पड़ाव, रामनगर
जाने वालों को दिक्कत हुई।
इसी तरह राबर्ट्सगंज, मिर्जापुर से टेंगरा मोड़
उतर कर रामनगर, मुगलसराय की ओर आने वाले यात्रियों को दिक्कत हुई।