दुलहीपुर। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल चंदौली ग्रुप सेंटर की ओर से स्थानीय कार्यालय पर शौर्य दिवस मनाया गया। इस मौके पर वर्ष 1965 में कक्ष गुजरात में पाकिस्तान के आपरेशन डेजर्ट हाक के तहत किए गए हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के अदम्य साहस के कार्य को याद किया। इसके पूर्व पांच दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल वितरित किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत पुलिस उपमहानिरीक्षक राकेश कुमार ने आज के दिन के महत्व को समझाते हुए कहा कि आज के दिन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के साथियों ने अदम्य साहस और शौर्य का परिचय दिया था। कहा कि आज के दिन 1965 में पाकिस्तान में भारतीय सीमा चौकियों के खिलाफ आपरेशन डेजार्ट हॉक चलाया। पश्चिमी पाकिस्तान की अंतराष्ट्रीय सीमा पर रन आफ कक्ष (गुजरात) में सरदार और टॉक चौकियों का रख रखाव द्वितीय बटालियन सीआरपीएफ की चार कंपनियां कर रही थीं। नौ अप्रैल की सुबह साढ़े तीन बजे पाकिस्तान सेना की इंफेंट्री ब्रिगेड ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की कंपनियों की सरदार और टॉक समा चौकियों पर आक्रमण कर दिया। सीआरपीएफ ने इसका दृढतापूर्वक जवाब देते हुए इसे विफल किया। इस दौरान पाकिस्तानी सेना के 34 जवान मारे गए। चार जवानों को सीआरपीएफ ने जिंदा पकड़ लिया। सीआरपीएफ द्वितीय बटालियन की दृढ़ता और पराक्रम ने पाकिस्तानी इंफ्रेंटरी ब्रिगेड को 12 घंटे तक नजदीक नहीं आने दिया। इस दिन को याद कते हुए प्रति वर्ष नौ अप्रैल को शौर्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर कमांडेंट रामलखन, धर्मेन्द्र यादव, विक्रम सिंह, शशि कुमार, सुजीत पांडेय, सुबेदार मेजर बृजेश सिंह रहे।