पड़ाव। पड़ोसी जनपद वाराणसी के सूजाबाद में कोरोना संक्रमित मिलने के बाद जिले के आसापास के गांवों को हाईअलर्ट मोड में डालने के बाद सीमाओं को सील कर दिया गया है। बावजूद इसके गांव में घूम-घूमकर लोग मछली बेच रहे हैं। इससे लोगों में भय व्याप्त है। शनिवार को मढ़िया गांव में सूजाबाद से आए लोग मछली बेचने में लगे रहे। वहीं लोगों की चहलकदमी भी काफी बढ़ गई है। दरअसल सूजाबाद गंगा किनारे का गांव है और जिले के बहादुरपुर, मढ़िया, चौरहट, रतनपुर और जलीलपुर गांव की सीमा से भी लगता है। वाराणसी जिले के सूजाबाद गांव में कोरोना संक्रमित मिलने के बाद उससे सटने वाले चंदौली जनपद की सीमा में पड़ने वाले पड़ाव क्षेत्र के बहादुरपुर, मढिया, जलीलपुर, चौरहट, रतनपुर गांवों को अतिसंवेदनशील घोषित कर लोगों को घरों में ही रहने के लिए निर्देशित किया गया था। सुरक्षा की दृृष्टि से गांव की सीमाओं को सील भी कर दिया गया था। सभी संपर्क मार्गो पर बैरिकेडिंग लगा दी गई ताकि कोई भी लोग गांव के बाहर व अंदर नहीं आ सके। पुलिस की सख्ती के बाद भी मढिया गांव में सुबह से ही लोग दुकाने खोल रहे है। वहीं सूजाबाद गांव से आए कुछ लोग मछली भी बेच रहे है। शानिवार को भी कई लोग गांव में आकर मछली बेचने में लगे रहे। लोगों ने कहा कि सवाल इस बात का है कि सख्ती के बाद भी आखिरकार एक गांव से दूसरे गांव तक लोग कैसे आ जा रहे है। लोगों के धड़ल्ले से गांव में आने से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। लोगों ने जिला और स्थानीय प्रशासन से मछली बेचने पर रोक लगाने की मांग की है।