औघौगिक क्षेत्र फेज टू में निर्माणाधीन फायर स्टेशन। संवाद
नियामाबाद। रामनगर औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 और फेज-2 में लगभग 400 छोटी-बड़ी कंपनियों की सुरक्षा के लिए प्रस्तावित अग्निशमन केंद्र तीन साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है।
करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2022 में स्वीकृत इस परियोजना का निर्माण जून 2025 तक पूरा होना था, लेकिन वर्तमान में यह लगभग 80 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। आग लगने पर पीडीडीयू नगर अग्निशमन केंद्र से फायर बिग्रेड के पहुंचने में 40 मिनट से लेकर एक घंटे से ज्यादा का समय लग जाता है।
औद्योगिक क्षेत्र के साथ-साथ करीब 25 ग्राम पंचायतों और मिर्जापुर और वाराणसी की सीमा से सटे गांवों की सुरक्षा भी इसी फायर स्टेशन पर निर्भर है। इसके बावजूद निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण इस गर्मी में भी कंपनियों की सुरक्षा भगवान भरोसे बनी हुई है।
रामनगर इंडस्ट्रियल एरिया में आए दिन आग लगने की घटनाएं होती रहती हैं। हाल ही में फेज-1 में हुई आग की घटना में मुगलसराय से दमकल की गाड़ियों को पहुंचने में करीब 40 मिनट से लेकर एक घंटे तक का समय लग गया, जिससे भारी नुकसान हो जाता है। (संवाद)