स्थानीय रेलवे स्टेशन से सटे पोखरे में उगी झाड़ियों में शुक्रवार की दोपहर अचानक आग लग गई।
इससे
स्टेशन के आसपास मौजूद लोगों में खलबली मच गई। आग की लपटों के संपर्क में
आकर पोखरे के पास लगे दो ट्रांसफार्मरों में ब्लास्ट हो गया।
लगभग आधे घंटे
विलंब से पहुंचे फायर कर्मियों ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर
काबू पा लिया। लेकिन काफी देर झाड़ियों से धुआं निकलता रहा। आग को पूरी तरह
बुझाने में पांच घंटे से अधिक का समय लगा।
मुगलसराय रेलवे स्टेशन के
समीप एक बड़ा सा तालाब है। जिसमें झाड़ियां उग गयी हैं। दूसरी तरफ पास से
गुजरे रेलवे ट्रैक पर मालगाड़ियों का ठहराव भी होता है।
जिसके इंजन से
रिसने वाला डीजल नालियों के माध्यम से पोखरे में जाता है। दूसरे
प्लेटफार्म संख्या एक के किनारे नीचे की तरफ डीजल की पाइप लाइन भी मौजूद है
जो कई जगह से लीक है।
इंजनों में डीजल भरे जाने के दौरन उसमें मौजूद
छिद्रों से गिरता डीजल भी नालियों के माध्यम से पोखरे में जाता है। वहीं छह
फुट से भी लंबी झाड़ियां नशेड़ियों का अड्डा बन गयी हैं।
शुक्रवार की
दोपहर लगभग दो बजे स्टेशन से सटे यार्ड में लाइन संख्या एक के पास पोखरे
में उगी झाड़ियों में किसी वजह से आग लग गयी । चंद मिनटों में ही आसमान
धुआं से भर गया।
आग की सूचना मिलते ही रेल अधिकारियों के हाथ पांव फूल गये
और मौके पर पहुंचे रेलकर्मियों ने पहले तो उसे बुझाने का प्रयास किया और
इसी दौरान फायर ब्रिगेड को सूचना दे दी। सूचना लगने के लगभग आधे घंटे के
बाद अग्निशमन दल के लोग वहां पहुंची और लगभग तीन घंटे बाद आग बुझाई जा सकी।
लोगों का कहना रहा कि सुरक्षा बलों की लापरवाही के कारण नशेड़ियों का
अड्डा बन चुकी झाड़ियों में आये दिन आग लग जाती है। वहीं तालाब में बहते
डीजल के चलते यह विकराल रूप ले लेती है।