नियामताबाद। औद्योगिक नगर पुलिस चौकी क्षेत्र के पटनवा स्थित एक गोदाम में रविवार को आधी रात के बाद शार्ट सर्किट से आग लग गई। आग से करीब तीन करोड़ रुपये मूल्य के रद्दी कागज जल गए। घटना की जानकारी होने पर सोमवार की सुबह पहुंची फायरब्रिगेड के कर्मियों ने करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तीन महीने के अंदर औद्योगिक क्षेत्र में आग लगने की यह दूसरी बड़ी घटना है। आग पर काबू पाने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं होने से उद्यमियों में नाराजगी है।
वाराणसी निवासी प्रेमचंद का रद्दी कागज का गोदाम है। रविवार की आधी रात के बाद शार्ट सर्किट से गोदाम में रखे कागज में आग लग गई। सोमवार की सुबह जब गांव के लोग उठे और गोदाम से आग की लपटें और धुुुआं देखकर उनके होश उड़ गए। लोगों ने इसकी जानकारी ग्राम प्रधान को दी। ग्राम प्रधान राजेश यादव ने अगलगी की सूचना गोदाम मालिक प्रेमचंद व फायर ब्रिगेड को दी। मौके पर करीब छह बजे सुबह पहुंचे फायरब्रिगेड कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद चार घंटे बाद आग पर काबू पाया। गोदाम मालिक प्रेमचंद के अनुसार गोदाम में करीब 1500 टन रद्दी कागज रखा था। जिसकी कीमत करीब तीन करोड़ रुपए थी। सभी कागज जलकर राख हो गए। आग शार्ट सर्किट से लगी है जिससे काफी नुकसान हो गया।
नियामताबाद। औद्योगिक क्षेत्र रामनगर फेज वन और फेज दो में तकरीबन पौने तीन सौ छोटी-बड़ी इकाईयां स्थापित हैं। लेकिन आग से बचाव के लिए यूपीएसआईडीसी और प्रशासन की ओर से अब तक कोई इंतजाम नहीं किए गए। जिसके चलते हर साल उद्यमियों को आग से काफी नुकसान उठाना पड़ता है।
नेशनल हाईवे दो के किनारे रामनगर फेज वन और फेज दो में औद्योगिक इकाईयां स्थापित हैं। वहां इकाई स्थापित किए उद्यमी लंबे समय से एक फायर स्टेशन की मांग कर रहे हैं ताकि आग लगने की घटना पर फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच सके। लेकिन आज तक फायर स्टेशन का निर्माण नहीं हो सका। फायर स्टेशन नहीं बनने से इस साल अब तक दो बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। तीन महीने पहले प्रमुख उद्यमी आरके चौधरी के गोदाम में आग लगने से करोड़ों का नुकसान हो गया था। इसी तरह रविवार-सोमवार की आधी रात के बाद लगी आग से गोदाम जलकर नष्ट हो गया। सूचना मिलने पर सोमवार की करीब सात बजे फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची। तब तक गोदाम पूरी तरह आग की चपेट में था और जलकर नष्ट हो गया।