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दस किमी क्षेत्र में आग ने मचाई तबाही, खेत सहित काफी कुछ जलकर राख

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कंदवा के कंजेहरा में पुआल व झोपड़ी में लगी आग। - फोटो : CHANDAULI
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कंदवा क्षेत्र के अमड़ा गांव के पास सिवान में गेहूं के ठूंठ में सोमवार की दोपहर एक बजे आग लग गई। तेज पछुआ हवा के झोंके के कारण देखते ही देखते आग ने सात गांवों को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद आग ने करीब 10 किलोमीटर तक के गांवों में तबाही मचायी। इस दौरान एक घर में रखे 80 हजार रुपये सहित खलिहान में खड़ा ट्रैक्टर, गेहूं, चना, अरहर की फसल के साथ कई दुधारू पशु भी आग में झुलस गए। ग्रामीणों की सूचना के बावजूद देर से पहुंची फायर विभाग की टीम भी आग पर काबू नहीं पा सकी।
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अमड़ा गांव के सिवान में सोमवार की दोपहर बाद गेहूं के ठूंठ में आग लग गई। तेज गति से चल रही पछुआ हवा के झोकों के चलते कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते आग की लपटें बहेरा, दरौली, बसंतपुर, अदसड़, ककरैत, ओयरचक, बकौड़ी आदि गांवों तक पहुंच गईं। जब तक लोग कुछ कर पाते आग बहेरा गांव में भी पहुंच गई। ग्रामीणों ने कड़ी मेहनत कर आग को गांव में घुसने से तो रोक दिया लेकिन खेत-खलिहान में आग ने जमकर तबाही मचाई। मड़ाई के लिए रखे घरभरन बिंद का करीब सवा दो एकड़ गेहूं का बोझ पूरी तरह जलगया। वहीं राम अवतार बिंद की झोपड़ी भी जलकर राख हो गई। अभी लोग कुछ सोच ही रहे थे कि आग ने दरौली दलित बस्ती को अपने चपेट में ले लिया। बस्ती में बिजेंद्र राम की चार झोपड़ियां, विनोद राम की दो झोपड़ी और उसमें रखे गृहस्थी के सामग्री के साथ एक भैंस, सियाराम का चार खपरैल व एक पक्का कमरा, विलोम की दो झोपड़ी, चतुरी की चार, परमानंद की तीन व जयकिशुन की दो झोपड़ी भी जल गई। इसके अलावा शिवनारायण का थ्रेशर, चारा मशीन, बलराम का 20 बीघा का गेहूं व भूसा भी आग की भेंट चढ़ गया। विनोद की भैंस भी गंभीर रूप से झुलस गई। आग को रोकने के लिए जब तक लोग कुछ कर पाते, तेज हवा के चलते आग अदसड़ पहुंच गई। गर्मी में आराम कर रहे लोगों को जब तक इसकी जानकारी हो पाती आग ने अवधेश सिंह लादू के खलिहान में खड़े ट्रैक्टर और करीब 20 क्विंटल चना, दो कुंतल अरहर को अपने चपेट में ले लिया और देखते ही देखते सब कुछ जलकर खाक हो गया। वहीं आग से जमुना सिंह के खलिहान में गेहूं भर कर रखी 500 बोरियों में भी आग लग गई। रविंद्र मौर्या के एक एकड़ खेत का बोझ, बसावन मौर्या का दो बीघा के बोझ जलकर राख हो गए। इस घटना में अदसड़ गांव की बिंद बस्ती के कई लोगों की झोपड़ियां और घर गृहस्थी का सामान आग की भेंट चढ़ गए।
पई, कुसी, सुढ़ना व कंजेहरा में भी आग ने मचाया तांडव
वहीं दूसरी ओर बरीला गांव के सिवान से उठे आग ने पई, कुसी, सुढना और कंजेहरा गांव में जमकर तांडव मचाया।इस दौरान कंजेहरा में मुसई के टीन शेड व झोपड़ी और काटकर रखे तीन एकड़ खेत का गेहूं का बोझ, सुखई की दो झोपड़ियां व टीन शेड व नगीना की झोपड़ी में आग लग जाने से घर गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। वहीं केशनाथ यादव डेढ़ एकड़ का जौ का बोझ और पारस यादव का करीब एक एकड़ का गेहूं का बोझ भी जलकर राख हो गया।
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बाइक खरीदने के लिए रखे 80 हजार भी जले
दरौली गांव के रमाशंकर राम के पुत्री की शादी पांच जून को तय थी। उसकी शादी के लिए कपड़े और पलंग बनवाकर रखे गए थे। वहीं बाइक खरीदने के लिए रमाशंकर ने 80 हजार रुपए जुटाए थे। उन्हें कल ही बाइक खरीदकर वर पक्ष को देना था लेकिन बाइक खरीदने के लिए रखा गया पैसा भी आग की भेंट चढ़ गया। घटना के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
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