छठपूजा के बाद तालाबों-पोखरों में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है। पूजा के पूर्व जहां प्रशासन तालाबों और नदी तटों की सफाई में जुटा हुआ था। वहीं पूजा समाप्त होने के बाद तालाबों की साफ सफाई के प्रति प्रशासन उदासीन है। इस तरह जिले में प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान की हवा निकल गई है।
डाला छठ को लेकर लोगों में काफी उत्साह रहा। जिस तरह से दीपावली बीतते ही तालाबों और नदी तटों को साफ करने की होड़ लग गई, उससे तालाबों की साफ सफाई हुई। व्रत के बहाने तालाबों की साफ सफाई के प्रति जागरूकता से अच्छे संकेत दिखे। नगर के मालगोदाम, मान सरोवर तालाब, दामोदरदास पोखरा,अलीनगर, सिकटिया पोखरा सहित अन्य तालाबों को स्वयंसेवी संस्थाओं ने खूब साफ किया। यही नहीं प्रशासन ने भी इसमें कुछ हद तक सहयोग किया।
इसी तरह बलुआ गंगाघाट के साथ आसपास के घाटों के साथ चकिया कालीजी का पोखरा, चंदौली में सावजी का पोखरा, सैयदराजा में नगर पंचायत के समीप पोखरा सहित अन्य तालाबों में दिन रात साफ सफाई हुई। डाला छठ पर सूर्य को अस्ताचल गामी सूर्य को अर्घ्य देने के अलावा सुबह उदयाचल सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया गया।
व्रत से प्रकृति संरक्षण के महत्व का बखान किया गया। लेकिन व्रत समाप्त होने के बाद तालाबों में गंदगी का अंबार लग गया है। फूल, गन्ने के पत्ते, दीपक, अगरबत्ती के पैकेट के अलावा तटों पर बड़े पैमाने पर दोना पत्तल, टूटे फूटे खिलौने सहित अन्य तरीके के कचड़े का ढेर लगा हुआ है।
इस संबंध में मुगलसराय एसडीएम सत्येन्द्र सिंह कहते हैं कि जल्द ही तालाबों की साफ सफाई करायी जाएगी।