क्षेत्र के करौती गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर हो गया है। इसके चलते बच्चों को तीन किलोमीटर दूर ककरैत गांव स्थित कम्पोजिट विद्यालय जाना पड़ रहा है। इस कारण गांव के 60 में मात्र 10 बच्चे ही स्कूल जा रहे हैं। पचास बच्चे पढाई छोड़ दिए हैं। बरहनी विकासखंड के ककरैत ग्रामसभा से जुड़े करौती गांव के प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर होने के कारण उसमें शिक्षा ग्रहण करने वाले 60 बच्चों और शिक्षकों को ककरैत कंपोजिट विद्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। करौती से ककरैत की दूरी करीब तीन किलोमीटर है। दूरी अधिक होने से ज्यादातर बच्चों ने स्कूल जाना ही छोड़ दिया है। मात्र 10 बच्चे ही स्कूल पहुंच रहे हैं। इसे लेकर अभिभावक भी काफी नाराज हैं। उनका कहना है कि गांव का स्कूल बंद होने के कारण बच्चों के भविष्य पर अंधेरा छा गया है। अभिभावक बनमाली पांडेय ने बताया कि ककरैत पढ़ने जाने के लिए बच्चों को मुख्य सड़क से जाना पड़ता है। इससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बच्चों को स्कूल भेजना विवशता है। इस संबंध में बीईओ राम आश्रय
का कहना है कि करौती स्थित विद्यालय के नए भवन का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। प्रक्रिया लंबी होने के कारण विलंब हो रहा है। शासन से अनुमति व धन मिलने के बाद विद्यालय का नया भवन बनवाया जाएगा।