ताराजीवनपुर। धान का कटोरा कहे जाने वाले जिले में पानी के बाद अब खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं। वर्तमान में अधिकतर समिति पर खाद उपलब्ध नहीं है। इसको लेकर किसानों में नाराजगी है। किसानों का कहना है कि जैसे तैसे किसानों ने धान की रोपाई की है। अब खाद नहीं मिलने से फसल बर्बाद होने की चिंता सता रही है।
जिले में इस वर्ष बारिश बहुत कम हुई है। नहरों से भी भरपूर पानी नहीं मिला है। इससे अधिकतर खेत परती हैं। कुछ किसानों ने निजी संसाधनों के बल पर धान की रोपाई की है। अब धान बढ़ने लगे हैं और खाद की आवश्यकता है। ऐेसे में समितियों पर से खाद गायब है। इससे किसान आक्रोशित है। बसनी गांव निवासी किसान केदार यादव ने बताया कि पानी के अभाव में बहुत से किसानों का धान रोपाई नहीं हो पाई है। गिने-चुने किसानों की रोपाई भी हुई है। तो खाद के अभाव में फसल खराब हो रही है। ककरही खुर्द गांव निवासी रविशंकर ने बताया कि किसी भी समिति पर खाद उपलब्ध नहीं है। कथापुर गांव निवासी कैलाश यादव ने बताया कि किसानों के हित की बात करने वाली मौजूदा सरकार मैं किसान खाद बिजली पानी तमाम समस्याओं से जूझ रहा है। सहरोई गांव निवासी रामनिवास मिश्रा ने बताया कि पानी के अभाव में पहले तो रोपाई नहीं हुई। अगर किसी प्रकार कुछ खेतों की रोपाई हुई भी तो पानी के अभाव में सूख रहे हैं। ऊपर से खाद की किल्लत से किसानों को जूझना पड़ रहा है। निजी दुकानों पर खाद ऊंचे दाम पर बिक रहे हैं।
कोट- समितियों पर खाद भेजी जा रही है। जल्द ही सभी समितियों पर यूरिया उपलब्ध होगी।
अजय कुमार, सहायक निबंधक, चंदौली