ताराजीवनपुर। कृषि प्रधान जनपद में गेहूं की बुवाई पछाड़ होने के बाद भी खाद के अभाव में क्षेत्र की समितियां सुना पड़ी हुई है। वाराणसी के शिवपुर में रैक लगने के बाद भी क्षेत्र के एक भी समितियों पर खाद नहीं पहुंचने से किसानों की बुवाई प्रभावित हो रही है। कृषि प्रधान जनपद चंदौली में हमेशा खाद के लिए किसानों को तरसना पड़ता है। चंदौली का रैक वाराणसी के शिवपुर में लगने के बाद भी क्षेत्र के एक भी समिति पर खाद उपलब्ध नहीं हो पाई है। इससे क्षेत्र के साधन सहकारी समितियां सुनी पड़ी हैं।
क्षेत्र के महरखा, संघति, डिग्घी, धूसखास आदि समितियां खाद के अभाव में सूना पड़ी हुई हैं। किसान लगातार महीनों से खाद के लिए समिति का चक्कर काट रहे हैं। इसको लेकर सहरोई गांव निवासी किसान रामनिवास मिश्रा ने बताया कि गेहूं की बुवाई पूरी तरह पछाड़ हो चुकी है। बहुत से किसान बगैर खाद के अपनी बुवाई भी कर चुके हैं। जिसका असर सीधा पैदावार पर पड़ेगा। बसनी गांव निवासी केदार यादव ने बताया कि गेहूं की बुवाई अंतिम दौर में चल रहा है। खेत खराब होने की स्थिति में पहुंच चुका है। किसान समितियों का चक्कर काट रहे हैं। लेकिन खाद नदारद है। डिग्घी गांव निवासी वसीम अहमद ने बताया कि नक्सल प्रभावित जनपद में कृषि पर आधारित ज्यादातर लोग निवास करते हैं। लेकिन किसानों के साथ हमेशा शासन प्रशासन द्वारा अत्याचार किया जा रहा है। कभी पानी तो कभी खाद के लिए किसानों को सड़क पर उतरना पड़ता है। बसंतु की मड़ई निवासी बाढू पहलवान ने बताया कि खाद के लिए समितियों का चक्कर किसान काट रहे हैं लेकिन खाद नहीं मिल रही है। अधिकारी भी खाद मिलने की बात पूछने पर सिर्फ टाल मटोल कल रहे हैं। कृषि प्रधान जनपद में किसानों के साथ यह विडंबना है। जिससे किसान कर्ज में डूबता जा रहा है।
महरखां में एक ट्रक डीएपी बंटी गई थी। धूरखास में खाद पहुंच गई है। संघति और डिग्घी समिति पर जल्द ही डीएपी पहुंच जाएगी। किसानों को खाद को लेकर किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दिया जाएगा।-अजय कुमार मौर्या, एआर, कॉपरेटिव, चंदौली