सकलडीहा। अब किसानों को धान की फसल के लिए नर्सरी डालने व उखाड़ने के लिए रोपनी की आवश्यकता नहीं होगा। किसान स्वयं एक घंटे में एक बीघा धान की सीधी बोआई कर समय और पैसे की बचत कर सकते हैं। इसके लिए कृषि विभाग द्वारा संचालित डा. रेड्डी फाउंडेशन के माध्यम से किसानों को ड्रम सीडर मशीन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस विधि से बोआई करने पर किसानों का पैदावार में काफी इजाफा होने की उम्मीद जगी है।
कृषि विभाग के प्रदीप सिंह क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि किसानों को धान की बोआई के लिए पहले खेतों में धान की नर्सरी के लिए रोपनी के माध्यम से बोआई कराई जाती है। इसके बाद नर्सरी तैयार होने पर उखाड़कर पुन: बोआई कराई जाती है। इस कार्य के लिए किसानों को एक एकड़ में पांच से छह हजार रुपया खर्च करना पड़ता है। विभाग द्वारा संचालित डा. रेड्डी फाउंडेशन के माध्यम से किसानों को इन समस्याओं से निजात दिलाने की पहल शुरू की गई है। कहा कि ड्रम सीडर मशीन से किसान धान की सीधी बोआई कर सकता है। इस विधि से किसानों को समय के साथ पैसे की भी भारी बचत होगी। किसानों को बोआई के लिए मुफ्त में मशीन उपलब्ध कराई जाएगी।