भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले गुरैनी पंप कैनाल पर चल रहे किसानों के धरने का स्वरूप शुक्रवार को पांचवे दिन बदल गया।
किसानों
ने हाथ में कटोरा उठाकर धानापुर-अवहीं मार्ग पर भीख मांगते हुए शासन-
प्रशासन को किसानों की बदहाली का संदेश दिया। भिक्षाटन में सैकड़ों की
संख्या में महिलाएं एवं पुरुष किसान सम्मिलत रहे।
किसानों ने कहा कि
धरना पर बैठे पांच दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं
रेंगा और कोई भी सक्षम अधिकारी धरना स्थल पर आना मुनासिब नहीं समझा।
भाकियू
के मंडल अध्यक्ष दीनानाथ श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के
हितों की लगातार उपेक्षा कर रही है।
यहीं कारण है कि प्रदेश के किसान
आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं।
क्षेत्र के सिंचाई का साधन गुरैनी पंप
कैनाल एवं इसकी लघुडाल नहर गंगा में समाहित होने की स्थिति में है, परंतु
इसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है।
इस अवसर पर कृष्णावती, कलावती, लहासी,
सुमित्रा, नन्हकी, बतासी, चंद्रावती, तालुका, नंदलाल सिंह, शेषनाथ यादव,
गंगा, सूबेदार जवाहिर, धर्मदेव आदि किसान उपस्थित रहे। अध्यक्षता चंद्रिका
यादव एवं संचालन दीनानाथ श्रीवास्तव ने किया।