कंदवा। क्षेत्रीय किसान संगठन ने रेलवे की अधिग्रहित भूमि में चकबंदी विभाग द्वारा किसानों को पुनः चक आवंटित किए जाने का आरोप लगाते हुए दानापुर रेल मंडल के वरिष्ठ अभियंता को ज्ञापन भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि समय रहते समाधान नहीं होने पर किसान आंदोलन करेंगे। किसान संगठन के संयोजक रतन कुमार सिंह ने बताया कि धीना क्षेत्र में वर्ष 1960-70 के दशक में हुई चकबंदी के दौरान रेलवे की भूमि को केवल पटरी सहित लगभग 140 से 150 कड़ी मानकर चक निर्धारित कर दिया गया था। जबकि छह-सात वर्ष पूर्व रेलवे द्वारा सीमांकन कराए जाने और पत्थर गाड़े जाने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि वर्ष 1861 में अधिग्रहित रेलवे भूमि का वास्तविक क्षेत्रफल लगभग 240 से 250 कड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने विवाद का अब तक समाधान नहीं हो सका है। इसी बीच क्षेत्र में दोबारा चकबंदी प्रक्रिया शुरू होने पर रेलवे की भूमि में किसानों के चक आवंटित किए जा रहे हैं, जिससे किसानों में आक्रोश है। किसान संगठन ने रेलवे, चकबंदी और राजस्व विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर संयुक्त सीमांकन कराने तथा वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही भूमि आवंटित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि इससे भविष्य के विवादों को रोका जा सकेगा और किसानों के हितों की रक्षा होगी। रतन कुमार सिंह ने बताया कि मामले को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में चकबंदी, राजस्व और रेल विभाग के अधिकारियों के साथ किसानों को भी बुलाया गया है।