किसान न्याय मोर्चा के सदस्यों व किसानों ने गुरुवार को मुख्यालय से जुलूस निकाला कलेक्ट्रेट भवन पहुंचकर जमकर नारेबाजी की और मांगों से सम्बन्धित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। किसानों ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण के नाम पर किसानों का शोषण किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रदेश संयोजक महेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि हाइवे चौड़ीकरण से प्रभावित किसान फोर लेन व छह लेन में के तहत दुकान व किसानों की भूमि का अधिग्रहण नियम विरूद्ध है। मुख्यालय स्थित बाजार में जिस प्रकार से दुकानदारों को उजाड़ने का काम हाइवे प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है वह भूमि अर्जन अधिनियम 2013 के तहत अब तक किसी भी व्यापारी को प्रतिकर दिया गया है ना ही उनके पुनर्वास की व्यवस्था की गई है, जबकि नए कानून के तहत व्यवस्था है कि बिना पुनर्वास के किसी को उसकी जमीन से बेदखल न किया जाए। कहा कि बार-बार किसानों व व्यापारियों को भूमि अधिग्रहण के नाम पर परेशान किया जाता है।
किसान व व्यापारी अब अपने हक और अधिकार के लिए एकजुट होकर सरकार के विरूद्ध आंदोलन करने के लिए तैयार है। किसान नेता इंद्रजीत शर्मा ने कहा कि किसानों व व्यापारियों का उत्पीड़न भूमि अधिग्रहण के नाम पर तत्काल बंद किया जाए। इस दौरान कृष्णकांत यादव, रामविलास यादव, नंदकिशोर, राजकिशोर सोनकर, सिराज अहमद आदि उपस्थित रहे।