क्षेत्र के विभिन्न सहकारी समितियों पर यूरिया खाद नदारद रहने से शुक्रवार
की मध्याह्न किसान नाराज हो गए। तत्पश्चात लामबंद किसानों ने
चहनियां-सैदपुर मार्ग जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए
विरोध प्रदर्शन किया।
सूचना पर पहुंचे मारुफपुर चौकी इंचार्ज ने
प्रदर्शन कर रहे किसानों को किसी प्रकार समझा-बुझाकर करीब आधे घंटे से चल
रहे सड़क जाम को समाप्त कराया।
विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना
था कि क्षेत्र में सेवढ़ी, रामगढ़, मारुफपुर, नादी, टांडा, सोनबरसा, कैथीं,
चकिया बिहारी मिश्र, रमौली, बीसापुर, लक्ष्मणगढ़, महरखा एवं कैलावर सहित
लगभग एक दर्जन से अधिक सहकारी समितियां हैं।
लेकिन प्रशासन द्वारा इन
समितियों पर अभी तक पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध नहीं कराया गया।
लिहाजा यूरिया सहित अन्य उर्वरकों के लिए किसानों को काफी दिक्कतों से
रूबरू होना पड़ रहा है।
कहा कि बारिश के बाद इन दिनों गेहूं सहित रबी की
अन्य फसलों में यूरिया खाद का छिड़काव अत्यंत आवश्यक हो गया है। ऐसे में
समितियों पर उर्वरक नदारद होने से मजबूरी में किसानों को खुले बाजारों से
ऊंचे रेट पर उर्वरक खरीदने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
किसानों ने आरोप
लगाया कि समितियों के सचिवों द्वारा यूरिया खाद की कालाबाजारी किए जाने से
ही क्षेत्र में उर्वरक की किल्लत उत्पन्न हो गई है।
सड़क जाम कर प्रदर्शन
करने वालों में हरीनाथ यादव, श्यामजी यादव, प्रमोद चौरसिया, रामकुंवर यादव,
नंदू मौर्य, पंकज शर्मा, मन्नू यादव और राजकुमार शर्मा आदि काफी संख्या
में किसान शामिल रहे।
वर्जन
‘शासन स्तर से जितनी मात्रा में यूरिया
खाद उपलब्ध कराई जा रही है। उसका किसानों के बीच तत्काल वितरण कर दिया जा
रहा है’। दशरथ मौर्य, सचिव साधन सहकारी समिति मारुफपुर चहनियां।