फ्रेट कॉरिडोर परियोजना से प्रभावित किसान अब आर-पार की लड़ाई के मूूड में हैं।
मिश्रपुरा
गांव में लगातार दूसरे दिन धरने पर बैठे किसानों ने चेताया कि यदि 24 घंटे
के अंदर कोई सक्षम अधिकारी धरनास्थल पर पहुंचकर हमारी समस्याओं को नहीं
सुनता है, तो हम सभी हाइवे को जाम करके आंदोलन को धार देंगे।
इस अवसर
पर मंडल अध्यक्ष संजय पांडेय ने कहा कि जनपद का किसान अपनी समस्या और
अधिकार के लिए सड़क पर उतरकर संघर्ष कर रहा है।
बावजूद इसके जिला प्रशासन
मौन साधे हुए है। समस्या के निराकरण को लेकर अधिकारियों से कई चक्र वार्ता
चली। बावजूद इसके निष्कर्ष नहीं निकला। निश्चित रूप से जिला प्रशासन
किसानों को उनका हक देने में हीलाहवाली कर रहा है।
उन्होंने कहा कि
आपदा प्रभावित किसानों को आज तक राहत चेक नहीं मिला, जिससे किसानों को
आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने कुछ विशेष किसानों को
चेक वितरित कर खानापूर्ति कर ली, जबकि अधिकांश किसान आज भी सहायता राशि की
आस लगाए बैठे हैं।
कहा कि जनपद में विकास पूरी तरह से बेपटरी हो गया है।
ग्रामीण क्षेत्र की सडकें क्षतिग्रस्त हालत में हैं। जिससे आवागमन में
परेशानी उठानी पड रही है।
परीक्षा की तैयारी में लगे छात्र-छात्राओं को
दिक्कत हो रही है। वह अपनी परीक्षा की तैयारी ठीक ढंग से नहीं कर पा रहे
हैं। इसके बावजूद अधिकारी मदमस्त हैं। उन्हें इन समस्याओं से कोई लेना देना
नहीं है। इस अवसर पर लवकुश यादव, रामलाल, रमाकांत, रामअवध आदि किसान
उपस्थित रहे।