रेलवे की फ्रेट कॉरिडोर योजना से प्रभावित लोगों को जमीन का उचित मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर किसानों ने भाकपा माले की अगुवाई में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। साथ ही 17 जुलाई को पीएम और सीएम का पुतला फूंकने की घोषणा की। दूसरी तरफ छितो गांव में इस मसले को लेकर धरना भी जारी रहा। गौरतलब है कि योजना के तहत जिले के सैकड़ों किसानों की जमीनें अधिग्रहीत की गई हैं।
इस अवसर पर आयोजित सभा में किसान नेताओं ने कहा कि फ्रेट कॉरिडोर से प्रभावित किसान विगत 25 फरवरी से ही आंदोलनरत हैं, लेकिन किसानों की हितैषी बनने वाली सपा व भाजपा की सरकारें संवेदनहीन बनी हुईं हैं। इन सरकारों के जनप्रतिनिधि किसानों की समस्या को लेकर उदासीन व संवेदनहीन हैं। वहीं प्रशासनिक अधिकारी किसानों की जायज मांगों को पूरा करने की बजाय हीलाहवाली कर रहे हैं।
कहा कि देश के कई बड़े उद्यमियों को सरकार के सहयोग से बिना ब्याज के पैसा दिया जा रहा है, लेकिन किसानों को उनकी जमीन के एवज में वाजिब मुआवजा नहीं मिल रहा है। कहा कि एडीएम कोर्ट की ओर से किसानों की जमीन अधिग्रहण के बदले परिवार के एक सदस्य को नौकरी और उचित मुआवजा दिए जाने का आदेश जारी किया गया था। लेकिन प्रशासनिक अधिकारी अपने ही आदेश का पालन कराने में हीलाहवाली कर रहे हैं।
इस अवसर पर किस्मत यादव, शशिकांत सिंह, दिनेश, ज्ञान प्रकाश, राहुल, सुरेन्द्र, जुगनू, मनोज मौर्य आदि उपस्थित रहे। संचालन श्रवण कुशवाहा ने किया।