क्षेत्र की सहकारी समितियों से यूरिया न मिलने से नाराज किसानों ने मंगलवार
को स्थानीय समिति के सामने सड़क पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उनका कहना था
कि किसान जरूरत पड़ने पर बाजारों से ऊंचे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर
हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि क्षेत्र के किसानों को जब नहर में पानी
की आवश्यकता होती है, तो नहरें सूखी रहती हैं, जब बिजली चाहिए होती है, तो
क्षेत्र में बिजली अनियमित रूप से कटी रहती है। और जब किसानों को खाद की
जरूरत होती है, तो सहकारी समितियां हाथ खड़े कर देती हैं।
अब बरसात बाद जब
हम किसानों को खेतों में डालने के लिए खाद की जरूरत है। तब किसान साधन
सहकारी समितियों पर यूरिया नहीं नहीं मिल रही है। किसानों का कहना था कि
खाद का सरकारी रेट 315 रुपये प्रति बोरी है। जबकि निजी दूकानदारों द्वारा
प्रति बोरी यूरिया 440 से 500 तक वसूला जा रहा है।
यह खाद भी दूकानदार किसी
की सिफारिश पर ही दे रहे हैं। इस संबंध में एआर कोआपरेटिव राजेंद्र प्रसाद
ने बताया कि जिले में ही यूरिया खाद की उपलब्धता नहीं है, तो समितियों पर
कहां से उपलब्ध होगी। प्रदर्शन करने वालों में दिनेश मिश्रा, रामाज्ञा यादव
आदि रहे।
उदयनाथ राय, सदानंद राय, भुल्लू यादव, राम अवध, बंदी गोंड, छोटे सिंह आदि शामिल रहे।