जीवनाथपुर रेलवे स्टेशन को राल्हूपुर में बनाए जा रहे बंदरगाह से जोड़ने के लिए खेती एवं रिहायशी जमीन को अधिग्रहित कर बिछाई जाने वाली रेलवे लाइन के सर्वे कार्य से नाराज पटनवां गांव के किसानों का गुस्सा फूट पड़ा।किसानों ने ग्राम प्रधान चंद्रभानु यादव के नेतृत्व में केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इससे विस्थापित होने वाले लोगों के लिए पुनर्वास की मांग की। साथ ही ऐसा न होने पर सर्वे कार्य में बाधा पहुंचाने की चेतावनी दी।
गौरतलब है कि वाराणसी के अंतर्गत पड़ने वाले औद्योगिक क्षेत्र रामनगर सहित आसपास के औद्योगिक क्षेत्र को जल यातायात से जोड़ने के लिए राल्हूपुर में बंदरगाह बनाए जाने की योजना है। रामनगर को बंदरगाह से जोड़ने के लिए जीवनाथपुर स्टेशन से रेलवे लाइन बिछाए जाने के लिए रेल मंत्रालय के निर्देश पर जीवनाथपुर से पटनवां एवं राल्हूपुर के बीच में सर्वे कार्य किया जा रहा है।
इसकी सूचना मिलते ही पटनवां गांव के लामबंद ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान चंद्रभानु यादव के नेतृत्व में सर्वे कार्य को बंद करने की मांग की है। ग्राम प्रधान का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र के स्थापना के बाद क्षेत्र के किसानों की काफी जमीन सरकार ले चुकी है। अब रेलवे लाइन बिछाने के नाम पर यहां वर्षों से आबाद लोगों को उजाड़ने की योजना सरकार बना रही है। जिसका हम सभी विरोध करते हैं। कहा कि सरकार पहले लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करे तभी रेलवे लाइन बिछाने का कार्य करने दिया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में अंजनी यादव, अजीत, अर्जुन सोनकर, शांति सोनकर, प्रभावती, पन्ना सोनकर, अनूप यादव, घूरे, सुखानू, पिंटू आदि मौजूद रहे।