प्रदेश में महिलाओं के बढ़ते उत्पीड़न की शिकायतों को देखते हुए वूमेन पावर
लाइन के बाद अब प्रदेश सरकार ने पावर एंजल ( शक्ति परी) योजना शुरू की है।
इसके तहत प्रत्येक जनपद में स्कूल-कालेज की चार छात्राओं को विशेष
पुलिस बल का दर्जा दिया जाएगा। वे महिला उत्पीड़न की घटनाओं को वूमेन पावर
लाइन कंट्रोल रूम के साथ पुलिस अधिकारियों से संपर्क करेंगी।
नगर के
विक्रम सिंह कन्या महाविद्यालय में महिला थानाध्यक्ष सुनीता सिंह ने
छात्राओं को शक्ति परी योजना के तहत प्रशिक्षित किया।
महिला थानाध्यक्ष
सुनीता सिंह ने छात्राओं को सुरक्षा के टिप्स भी बताए।
कहा कि छात्राओं
में सिक्थ सेंस होता है, इसका हमेशा उपयोग करना चाहिए। किसी के दुव्यवहार
करने पर छात्राओं को दुर्व्यवहार करने वालों के मुंह पर पास में रखे पिन,
पेपर स्प्रे, पेंसिल सहित किसी भी प्रकार के वस्तु से हमला कर देना चाहिए।
किसी आटो टैक्सी में बैठते समय उसके नंबर प्लेट की फोटो खींच लेनी चाहिए,
ताकि चालक में भय बना रहा कि गड़बड़ी करने पर पकड़ा जा सकता है। थानाध्यक्ष
के समझाने पर छात्राओं में इसके प्रति उत्साह दिखा और उन्होंने स्पेशल
पुलिस अधिकारी बनने पर हामी जतायी।
उन्होंने बताया कि महिलाओं के साथ
दुष्कर्म और उत्पीड़न की घटनाओं को देखते हुए प्रदेश सरकार ने दो वर्ष पहले
वूमेन पावर लाइन 1090 की शुरुआत की थी। तीन वर्षों में इस पर 3.27 लाख
शिकायतें आ चुकी हैं। इसके तहत प्रत्येक जिले गांवों में छात्राओं को विशेष
पुलिस अधिकारी बनाने की योजना बनायी है।
इसे शक्ति परी (पावर एंजेल) नाम
दिया गया है। इसके तहत प्रत्येक स्कूल कालेज में चार छात्राओं को पुलिस
अधिकारी का दर्जा दिया जाएगा। छात्राओं को शिकायतों के लिए लखनऊ में
प्रशिक्षित किया जाएगा। छात्राओं का ग्रुप न सिर्फ स्कूल कालेजों में
छात्राओं के साथ होने वाले उत्पीड़न को रोकेगा, बल्कि छात्राओं पर हो रहे
उत्पीड़न की शिकायत कर सकेंगी।
वे वूमेन पावर लाइन कंट्रोल रूम के साथ
ही स्थानीय पुलिस से शिकायत करेंगी और उनकी सुनवाई पहले होगी। इसके लिए
छात्राओं को फार्म भरना होगा।
इस फार्म को भर कर अपर पुलिस अधीक्षक को देना
है। इसके बाद छात्राओं को इसके लिए कार्ड जारी किया जाएगा। इस मौके पर
स्कूल की प्रधानाचार्य डा. गायत्री सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।