इलिया। गंगा नदी ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय विचारधारा है। गंगा का संबंध मनुष्य का जन्म से मृत्यु तक का है। इन्हें स्वच्छ रखना हम सभी का दायित्व है। गंगा जीवनदायिनी है और जीवनदायिनी के साथ किसी तरह की लापरवाही घोर अपराध है।
यह बातें अंतर्राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित पर्यावरणविद व गंगा सेवक परशुराम सिंह ने कटवांमाफी गांव मेंबातचीत में कहीं। कहा कि नमामि गंगे परियोजना के तहत गंगा निर्मलीकरण के लिए सरकार कटिबद्ध है। गंगा निर्मलीकरण का कार्य सिर्फ कागजी कोरम पूर्ति से नहीं बल्कि गंगा को निर्मल करने से होगा। देश के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि गंगा निर्मलीकरण योजना में वह अपना पूरा सहयोग दें। कहा कि गंगा में कचरा गिराना, पॉलिथीन फेंकना, गंदगी गिराना, अपविष्ट चीजों को फेंकना घोर अपराध है। मानव जीवन सुरक्षित रखने के लिए गंगा को हर हाल में साफ-सुथरा रखना होगा। संवाद