मंगलवार को जिले का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि यह
अषाढ़ का महीना चल रहा है। आलम यह है कि दिन के दस बजते बजते सूर्य की
किरणें चमड़ी झुलसा दे रही हैं। लोग घरों से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं,
वहीं तेज पछुवा हवाएं तन झुलसा दे रहीं है।
इधर लू की चपेट में
आने से सोमवार की शाम तियारा गांव निवासी शिवशंकर की मौत हो गई। इस तरह एक
जून से अब तक लू लगने से पांच लोगों की मौत हो चुकी है।
पिछले
एक पखवारे से गर्मी का अपना प्रचंड रूप दिख रहा है। इसमें खास बात यह रही
कि एक सप्ताह में पारा 42 डिग्री से नीचे नहीं गया है। जिससे चिलचिलाती
धूप व तेज लू से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। तापमान में हो रही लगातार
बढ़ोत्तरी से जनजीन अस्तव्यस्त हो गया है।
वहीं पशु पशी भी बेहाल हैं।
सुबह सात बजे से ही धूप में तीखापन दिखने लगता है, वहीं दस बजे के बाद तो
राह चलना दुश्वार हो जा रहा है। सबसे विकट स्थिति दोपहर में होती है।
लू के
थपेड़ों के चलते सड़कों पर दूर-दूर तक राहगीर नहीं दिखते हैं। ऊपर से
बिजली की आंख मिचौली ने लोगों को परेशान कर रखा है।
बिजली कब आएगी और कब
जाएगी, इस बात की कोई गारंटी ही नहीं रह गई है। कृषि विज्ञान केंद्र
वैज्ञानिक डा. एस. राम ने बताया कि मंगलवार का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस
रहा। यह अभी और बढ़ सकता है। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी
गर्मी से राहत की कोई उम्मीद नहीं है।