छोटू और उसके भाई विनायक ने विनय और उसके भाई की पिटाई भी कर दी। इसके बाद विनय बदला लेने का प्लान बनाया। उसने अपने छह मित्रों को इसके लिए तैयार किया और काजीपुर में शराब दुकान के पास चखना विक्रेता दिलीप से छोटू को लोकेशन देने को कहा। इसके बाद सभी मित्रों ने खूब शराब और बीयर पिया।
रात 11:30 बजे जब छोटू अपने भाई के साथ शराब दुकान के पास पहुंचा तो चखना विक्रेता ने विनय को फोन कर इसकी जानकारी दी। इसके बाद पहुंचे छह लोगों ने लाठी-डंडे और शराब की बोतल से पीट-पीटकर छोटू की हत्या कर दी। जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने पांच आरोपियों को 23 नवंबर को गिरफ्तार किया था।
आरोपी सोगाई गांव निवासी दिलीप को काजीपुर स्थित शराब ठेका के पास से गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही और वीडियो फुटेज के आधार पर इसी थाना के अमित कुमार और मनीष कुमार, विमलेश कुमार और विजय निवासी ग्राम मकरानपुर को गिरफ्तार किया गया।
इनकी निशानदेही पर घटनास्थल के पास झाडियों से एक बांस की लाठी, शीशी बोतल के टूटे कांच को भी बरामद किया गया। इस मामले में मुख्य आरोपी रितेश फरार चल रहा था जिसकी पुलिस को तलाश थी।
शनिवार की रात करीब दो बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि हत्या के मामले में वांछित रितेश कहीं भागने की फिराक में रेलवे स्टेशन की तरफ दिखा है। सूचना पर सैयदराजा और चंदौली पुलिस की टीम ने कल्याणपुर के पास रेलवे लाइन की ओर घेराबंदी शुरू की। तभी अभियुक्त ने पुलिस टीम पर तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी।
इस दौरान आरक्षी विष्णु दत्त प्रजापति के दाहिनी बांह को एक गोली छूते हुए निकल गई। पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की और पीछा करते हुए सैयदराजा रेलवे स्टेशन ओवरब्रिज के पास उसे दबोच लिया। जवाबी फायरिंग में गोली लगने से अभियुक्त गिर पड़ा और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने अभियुक्त के पास से एक तमंचा व दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। अधिकारियों के अनुसार अभियुक्त की गिरफ्तारी के बाद हत्या प्रकरण में कार्रवाई लगभग पूर्ण हो चुकी है।
सीओ सदर देवेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस टीम द्वारा की गई घेराबंदी के दौरान अभियुक्त ने खुद को बचाने के लिए फायरिंग की, जिससे आरक्षी घायल हुआ। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अभियुक्त घायल हुआ और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि शांति व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।