पांच सूत्री मांगों को लेकर पीडब्ल्यूडी नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी संघ के
सदस्यों ने बुधवार को विकास भवन के समीप धरना दिया। इस दौरान कर्मचारियों
ने प्रदेश सरकार पर उदासीनता का आरोप लगाया।
इस अवसर पर
वक्ताओं ने कहा कि विभाग के दैनिक कर्मचारियों को बसपा की सरकार द्वारा
नियमित तो कर दिया गया लेकिन कर्मचारियों को दस वर्ष की सेवा पूर्ण होने से
पहले ही सेवानिवृत्त किया जा रहा है। इससे कर्मचारी पेंशन के लाभ से वंचित
हो जा रहे हैं।
यही नहीं वर्ष 1991 से शासन द्वारा फील्ड कर्मचारियों की
भर्ती पर रोक लगाई गई है। कर्मचारी सेवानिवृत्त तो हो रहे हैं लेकिन नई
भर्ती नहीं होने से कर्मचारियों की संख्या घटती जा रही है।
इससे कार्य
बाधिक हो रहा है। कहा कि विभिन्न संघों द्वारा इन समस्याओं से शासन और
प्रमुख सचिवों को अवगत कराया जाता रहा है। बावजूद इसके प्रदेश सरकार समस्या
के निराकरण की तरफ ध्यान नहीं दे रही है। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि
मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
इस अवसर पर
रामजी सिंह, श्यामलाल, कमला, शिवकुमार, लालबहादुर, विजय आदि उपस्थित रहे।
इभनसेट
कर्मचारियों से एकजुटता का आह्वान
चंदौली।
उत्तर प्रदेशीय चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ की बैठक अभय कुमार सिंह
की अध्यक्षता में बुधवार को सदर ब्लक परिसर में हुई। इस दौरान 23 सूत्री
मांगों को लेकर 10 अप्रैल को लखनऊ में आयोजित धरना-प्रदर्शन की रणनीति
तैयार की गई।
जिलाध्यक्ष अभय सिंह ने कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को
अपने हक के लिए एकजुट होना होगा। राज्य स्तर पर कई लंबित मांगे हैं जो पूरी
नहीं हो सकी है। ऐसी ही 23 सूत्री मांगों के समर्थन में लखनऊ के लक्ष्मण
मेला मैदान में 10 अप्रैल को एक दिवसीय धरना आयोजित है।
जिसमें अधिक से
अधिक संख्या में भाग लेने की आवश्यकता है। इस अवसर पर महेंद्र प्रसाद, अजीत
कुमार, समसुलोदा, सुरेंद्र कुमार, आशीष आदि उपस्थित रहे।