ज्ञापन सौंपते समाचार पत्र वितरक ।
एक वर्ष पहले पचफेडवा के समीप सड़क दुर्घटना में समाचारपत्र वितरक कमलेश विश्वकर्मा की पत्नी की मौत के बाद आज तक मुआवजा नहीं मिला। इससे नाराज समाचार पत्र वितरकों ने उपसंभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय के सामने धरना दिया। चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
पचफेड़वा के समीप 31 मई 2015 को दुर्घटना में कमलेश विश्वकर्मा की पत्नी रेखा विश्वकर्मा की मौत हो गई। इसके बाद लोगों ने चक्का जाम की कोशिश की लेकिन अधिकारियों ने मुआवजा का आश्वासन देकर शांत कराया। मुआवजा का आश्वासन तो मिला लेकिन आज तक मुआवजा नहीं मिला। एक सप्ताह पहले पांच सितंबर को मुगलसराय तहसील परिसर में प्रदर्शन किया था। मांग पूरी न होने पर सोमवार को समाचार पत्र वितरण राजेश सिंह के नेतृत्व में बिछिया स्थित एआरटीओ कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष विजय जायसवाल ने कहा कि एक तरफ तो प्रदेश के मुख्यमंत्री जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों को संवेदनशील होने का पाठ पढ़ाते हैं, दूसरी तरह मुआवजा के नाम पर सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है। प्रदेश महामंत्री भागवत नारायण चौरसिया ने कहा कि यदि शीघ्र मुआवजा नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने में राजेश सिंह, नगर अध्यक्ष छोटू कुशवाहा, कमलेश विश्वकर्मा, विजय जायसवाल, भागवत नारायण चौरसिया, अजय कुमार, अमित कुमार, अमरनाथ, इंदर सिंह कुशवाहा, अरमान, विनोद, नीरज पांडेय, विनोद पांडेय, कुलवंत, शिव प्रसाद,संदीप मौर्य आदि रहे।