भदोही। महाराजा बलवंत राजकीय अस्पताल की इमरजेंसी सेवा (एंटी रैबिज कक्ष) पर 10.30 बजे तक ताला लटका रहा। इस दौरान करीब सात से आठ मरीज बाहर इंतजार करते रहे। वहीं अस्पताल की ओपीडी में तैनात 15 चिकित्सकों में 10 बजे तक पांच चिकित्सक नहीं पहुंच सके थे। वहीं अस्पताल के हीट वेव को डेंगू वार्ड तक ही सीमित रखा गया था।
अमर उजाला की टीम ने सोमवार को महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल की पड़ताल की। सोमवार को दिन होने के कारण अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ देखी जा रही थी। टीम करीब 9.20 मिनट पर अस्पताल में पहुंची थी। इस दौरान अस्पताल में करीब 150 से 200 मरीज उपस्थित थे। अस्पताल में तैनात 15 चिकित्सकों में अधिकतर चिकित्सक अपने चैंबर में दिखे। वहीं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकुल पांडेय करीब 9.50 मिनट पर अपने चैंबर में पहुंचे। इस दौरान करीब 25 मरीज उनके चैंबर के सामने खड़े होकर इंतजार करते रहे। इसी तरह हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विनय मिश्रा 11 बजे तक नहीं पहुंचे। बाल रोग विशेषज्ञ भी 11 बजे तक चैंबर में नही दिखे। उनका सहायक मरीजों को देख रहा था। आर्थो सर्जन डॉ. एसवी सिंह 10.15 मिनट पर अपने चैंबर में पहुंचे। पड़ताल में जो सबसे खास बात रही कि 24 घंटे तक इमरजेंसी सेवाओं में आने वाली एंटी रैबिज के कक्ष पर 10.20 मिनट तक ताला लटका रहा। यहां करीब आठ से 10 मरीज इंजेक्शन लगवाने का इंतजार कर रहे थे। टीम ने जब सीएमएस को फोन किया तो भागा-भागा एक कर्मी कक्ष खोलने पहुंचा।
हीट वेव वार्ड अब तक डेंगू वार्ड
गर्मी के असर को देखते हुए अस्पताल में 10 बेड का हीट वेव वार्ड बनाया गया है। अस्पताल के हीट वेव वार्ड में पहुंचने पर पता चला कि अब तक यह डेंगू वार्ड के रूप में ही संचालित हो रहा है। यहां केवल मच्छरदानी नजर आया। वहीं एसी व कूलर के साथ ओआरएस घोल इत्यादि गायब थे।
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क्या बोले मरीज
सुबह साढे आठ बजे अस्पताल पहुंच गया था। घुटने में समस्या है। इसलिए डॉक्टर को दिखाने आया था, लेकिन 11 बजे गए अब तक डॉक्टर साहब नहीं आए हैं। - दयाशंकर, परगासपुर।
आठ बजकर 45 मिनट पर अस्पताल आ गई थी। कुत्ते के काटने के कारण इंजेक्शन लगवाना है। 10.15 बजने वाले हैं, लेकिन अब तक वार्ड का ताला भी नहीं खुला है, जबकि यहां 24 घंटे सेवा लिखा हुआ है। - साधना जायसवाल, रजपुरा।
वर्जन बात होते ही भेजा जाएगा। -डॉ. एसके चक, सीएमओ।