पीडीडीयू नगर। रेलवे सुरक्षा बल और बचपन बचाओ आंदोलन की टीम ने शुक्रवार को अलग-अलग ट्रेनों से बाल मजदूरी के लिए जा रहे आठ नाबालिगों को मुक्त कराया। इस दौरान किशोरों को ले जा रहे तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ जीआरपी में मुकदमा दर्ज किया है।
आरपीएफ निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत ने बताया कि स्टेशन पर लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। बचपन बचाओ आंदोलन के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर देशराज सिंह, प्रोजेक्ट अधिकारी चंदा गुप्ता के साथ आरपीएफ ने अभियान चलाया। प्लेटफार्म संख्या छह पर सुबह नौ बजे आई जोगबनी- आनंद बिहार सीमांचल एक्सप्रेस एक्सप्रेस के जनरल कोच से चार नाबालिगों को बरामद किया गया। किशोरों को ले जा रहे इजहार हज्जाम को गिरफ्तार किया गया। वह बिहार के अररिया के महादेवा का रहने वाला है। सभी नाबालिग अररिया के ही रहने वाले हैं। उन्हें खिलौने के कारखाने में काम करने दिल्ली ले जाया जा रहा था।
कुछ देर बाद ही प्लेटफार्म संख्या आठ पर आई अप अजमेर सियालदह एक्सप्रेस के जनरल कोच से तीन नाबालिगों को बरामद किया गया। वे गया के निवासी हैं। उनको गया का ही रहने वाला किशोरी मांझी मजदूरी करने के लिए जयपुर ले जा रहा था। दिन में लगभग 11 बजे प्लेटफार्म संख्या छह पर आई मालदा दिल्ली फरक्का एक्सप्रेस के डी वन कोच से एक नाबालिग को बरामद किया गया। झारखंड के पाकुर जिले के बामरा पहाड़िया, निवासी धारा पकटोटी को गिरफ्तार किया गया।
आठों नाबालिगों और तीनों आरोपियों को जीआरपी के सुपुर्द किया गया। जीआरपी पीडीडीयू के प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि नाबालिगों को बचपन बचाओ आंदोलन के प्रोजेक्ट अधिकारी चंदा गुप्ता को सुपुर्द किया गया है। उनको ले जाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।