दुलहीपुर। पवित्र माह रमजान के बाद रोजेदारों ने खुदा की बारगाह में सजदा कर ईद की नमाज अदा की। इस दौरान शिया मुसलमानों ने अपने सबसे बड़े धर्म गुरु अयातुल्लाह अली खामनेई को याद किया। शिया मुसलमानों ने ईद की खुशियां नहीं मनाईं और किसी से गले भी नहीं मिले। इस दौरान सभी अपनी बाहों पर काली पट्टी बांध रखी थी। लोगों ने अमेरिका और इस्राइल के विरोध में नारेबाजी की।
शिया धर्म गुरु और चंदौली जिले के इमाम ए जुमा मौलाना कैसर हुसैन नजफी ने कहा - अयातुल्लाह का जाना हमारे लिए सबसे बड़ा नुकसान है। वो हमारे रहबर थे और उनके जाने का हमें गम है। आज हमने ईद की खुशियां नहीं मनाईं। हम जानते हैं कि ईरान की जीत होगी क्योंकि हुसैनी कभी जंग हारते ही नहीं चाहे उन्हें सिर ही क्यों न कटाना पड़े। अंजुमन सज्जदिया असगरीय के सीक्रेट्री यासिर हैदर जाफरी और हाजी समर हुसैनी ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर समाज सेवी राहिब जाफरी ने कहा अमेरिका-इस्राइल के हमले का कड़ा विरोध करते हैं। इस मौके पर जाफर मेहदी साहब, फैजी जाफरी, काशिफ जाफरी , फैज़ हसनैन , काशिफ जाफरी, फराज हुसैन साहब माैजूद रहे। संवाद