चार दिन के अंदर दो बार आई आंधी से जनजीवन व्यस्त रहा। 10 मार्च की की दोपहर आधे घंटे आंधी आने के बाद रविवार की सुबह आठ बजे फिर तेज आंधी आई। करीब आधे घंटे की आंधी के दौरान चली तेज हवा लोगों के लिए आफत साबित हुई। आंधी से सबसे ज्यादा नुकसान बिजली व्यवस्था को हुआ। वहीं अधिकतम और न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
रविवार की सुबह आठ बजे अचानक धूल भरी तेज हवाएं चलने लगीं। इसके बाद जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बरसात भी हुई। आंधी-पानी के कारण जिले के कई क्षेत्रों की बत्ती गुल हो गई जो देर शाम तक बहाल नहीं हुई। मौसम में अचानक हुए परिवर्तन से जहां गेहूं की मड़ाई का कार्य बाधित हो गया वहीं आम की फसल 70 प्रतिशत से अधिक बर्बाद हो गई है।
हालांकि मौसम में आए बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। अधिकतम तापमान शनिवार के 34 से दो डिग्री गिरकर 32 पर पहुंच गया जबकि न्यूनतम तापमान 23 डिग्री पर ही बना रहा। हवा के साथ हुई बारिश ने लोगों को सावन का अनुभव करा दिया। हालांकि दोपहर बाद मौसम सामान्य हो गया और धूप भी निकल आई।
11 हजार वोल्ट के तार में गड़बड़ी आने से चार घंटे आपूर्ति रही बाधित
आंधी-पानी से बिजली व्यवस्था चरमरा गई। जिले में कई स्थानों पर बिजली के खंभे व तार क्षतिग्रस्त हो गए। विद्युत निगम के कर्मियों ने मरम्मत कार्य कर आपूर्ति बहाल की। वहीं चंदासी उपकेंद्र से फीडरों की आपूर्ति मौसम को देखते हुए बंद कर दी गई थी।
मौसम सामान्य होने के बाद आपूर्ति बहाल की गई लेकिन हवा चलने के कारण कई बार बंद भी करनी पड़ी। इससे कई बार लाइट आती व जाती रही। उपकेंद्र से निकले फीडर संख्या एक व पांच में 11 हजार वोल्ट के तार में गड़बड़ी आने से बिजली गुल रही।
हालांकि विभाग के लाइनमैनों ने मरम्मत कार्य कर आपूर्ति दिन के 12 बजे तक बहाल कर दी थी। एक्सईएन सुनील यादव ने बताया कि आंधी चलने से बिजली आपूर्ति में व्यवधान आया था। सूचना पर पहुंचे निगम के कर्मियों ने मरम्मत कार्य कर आपूर्ति बहाल कर दी थी।
पड़ाव चौराहे पर दिखा धूल का गुबार
स्थानीय चौराहे पर सुबह आठ बजे के करीब धूल भरी आंधी चलने से वाहन चालक, राहगीर व दुकानदार परेशान हो गए। चौराहे पर चारों ओर धूल का गुबार ही गुबार दिख रहा था। हमेशा राहगीरों व वाहनों से गुलजार रहने वाले चौराहे पर सन्नाटा पसर गया।
अचानक आई आंधी से लोग भागकर आश्रय तलाशने लगे। वहीं सवारी ढ़ोने वाले वाहनों के चालक भी अपने वाहन लेकर सुरक्षित स्थान पर निकलने का प्रयास करने लगे। आंधी चलने से चौराहे की दुकानों में धूल भर गया जिससे दुकानदारों को परेशानी उठानी पड़ी। आंधी समाप्त होने के बाद दुकानदार दुकानों की साफ-सफाई में जुटे दिखे।