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चंदौली पहुंचते ही निकल जाता है डबल इंजन का धुआं : अखिलेश

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पीडीडीयू नगर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि डबल इंजन की सरकार का चंदौली पहुंचते ही धुआं निकल जाता है। यहां विकास का कोई काम नहीं हुआ है। इस चुनाव में जो पश्चिम से चली है हवा अब पूर्वांचल पहुंच गई है, जिसका अहसास दिल्ली वाले नेताजी को हो गया है। पूर्वांचल का बदला माहौल देखकर वे मंच पर कांपने लगे हैं और भाषण बदलने लगे हैं। सपा अध्यक्ष सोमवार को पॉलिटेक्निक कॉलेज, चंदौली में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। अखिलेश यादव ने कहा कि पूर्वांचल में भाजपा के लोग 400 पार का नारा भूल चुके हैं। भाजपा सरकार ने पिछले दस सालों में केवल धोखा दिया है। बनारस तो क्योटो बना नहीं, चंदौली को भी कुछ नहीं मिला। चंदौली के युवा फौज के लिए मेहनत कर रहे हैं लेकिन उनकी भर्ती नहीं हो रही है। किसानों की आय दोगुनी करने की जगह उनकी जेब से पैसे ले लिए और उन पर काला कानून लाद दिया था। अखिलेश ने कहा कि पिछली बार स्याही लगाने की वजह से हम चुनाव हार गए थे। इस बार भाजपा के लोग बूथ लूटने की तैयारी कर रहे हैं। इनसे सतर्क रहिएगा। कहा कि सबको वैक्सीन लगवाई गई। अब कंपनी कह रही है कि हम वैक्सीन वापस ले लेंगे, भला शरीर के अंदर से वैक्सीन कैसे निकालेंगे। जनसभा में पूर्व सांसद कैलाशनाथ यादव, पूनम सोनकर, चंद्रशेखर यादव, मनोज सिंह डब्लू, शिव शंकर यादव, सुरेंद्र पटेल, आशुतोष सिंहा, प्रभु नारायण सिंह यादव, लाल बहादुर यादव आदि मौजूद थे।
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने 35 मिनट के संबोधन में 29 बार युवा-नौजवान, 26 बार किसान और 13 बार संविधान का नाम लिया। उन्होंने युवाओं को खूब साधने की कोशिश की। वहीं, भाजपा के किसी भी नेता का नाम लेने की बजाय दिल्ली और लखनऊ के नेताजी कहकर संबोधित किया। सपा अध्यक्ष का पूरा फोकस युवा और किसान पर रहा। उनका हेलिकॉप्टर पहुंचते ही युवाओं की भीड़ उमड़ गई। मंच पर पहुंचने के बाद उन्होंने हाथ हिलाकर युवाओं का अभिवादन किया और कहा कि आप लोग सतर्क हो जाइए। अग्निवीर के नाम पर आपको चार साल की फौज की नौकरी मिल रही है। अगली बारी खाकी की है। वहां तैनात पुलिसकर्मियों की तरफ इशारा करते हुए अखिलेश ने कहा कि अगर भाजपा की सरकार आई तो खाकी की भी नौकरी तीन साल की हो जाएगी। कहा कि यूपी में 10 बार पेपर लीक हुए हैं। इससे 7 लाख युवा और उनके 70 लाख परिजन भाजपा से नाराज हैं। इस गणित के तहत प्रत्येक सीट पर दो लाख वोट कम हो रहे हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि आप लोगों ने देखा होगा कि पहले बिस्कुट का पैकेट कितना बड़ा होता था। महंगाई इतनी बढृ गई है कि पैकेट छोटा हो गया है। फिर से भाजपा की सरकार बनी तो पैकेट में केवल एक बिस्कुट मिलेगा। बुखार में 500 एमजी की जो दवा काम करती थी, आज 650 एमजी के दो डोज लेने के बाद भी बुखार ठीक नहीं हो रहा है। राशन में पहले तेल और दाल देते थे। अब घटिया खाद्यान्न दे रहे हैं। हमारी सरकार आई तो बाजार में जैसे पैकेट में पौष्टिक आटा बिकता है, वैसा जनता को देंगे।
इंडी गठबंधन वीरेंद्र सिंह के पक्ष में आयोजित जनसभा में अखिलेश यादव के साथ मंच पर 52 नेता मौजूद थे। इसमें वाराणसी और चंदौली के कई नेता थे लेकिन चंदौली के सपा के पूर्व सांसद रामकिशुन का मंच पर न होना चर्चा का विषय बना रहा। हालांकि प्रत्याशी घोषित होने के बाद से ही रामकिशुन खुलकर विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कई बार कहा कि चंदौली को ठीक प्रत्याशी नहीं मिला है। अखिलेश की जनसभा में वह क्यों नहीं पहुंचे, इस सवाल पर रामकिशुन ने कहा कि अब पार्टी को मेरी जरूरत नहीं है। मुझे जनसभा के लिए नहीं बुलाया गया था। मैं सपा का कार्यकर्ता और मतदाता हूं, हमेशा रहूंगा। मालूम हो कि रामकिशुन यादव के पिता स्वतंत्रता सेनानी गंजी प्रसाद दो बार विधायक रहे। मुलायम सिंह यादव से उनकी अच्छी मित्रता थी। हर साल गंजी प्रसाद की पुण्यतिथि में मुलायम सिंह अथवा अखिलेश यादव उनके गांव बौरी आते थे। रामकिशुन यादव सपा से एक बार विधायक और एक बार सांसद रह चुके हैं।
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अखिलेश यादव के मंच पर आते ही समर्थक बेकाबू हो गए। अखिलेश को देखने की होड़ में समर्थक मीडिया के लिए बनाए गए मंच पर चढ़ गए। इससे मंच टूट गया और कई मीडियाकर्मी नीचे गिर गए। समर्थक मीडियाकर्मियों को कुचलते हुए आगे बढ़ते रहे। इससे चार मीडियाकर्मी घायल हो गए। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी बेबस नजर आए। कई कार्यकर्ता 40 फीट ऊंचे पंडाल के ऊपर चढ़ गए तो कुछ लोहे पोल पर लटके हुए थे। चुनावी गाना बजने पर उत्साहित समर्थकों ने सैकड़ों कुर्सियां तोड़ डालीं। जनसभा के खत्म होने के बाद भी भगदड़ जैसी स्थिति रही। वहीं, जनसभा में कहीं पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई थी। गर्मी और उमस के बीच लोग पानी के लिए परेशान रहे।
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