पीडीडीयू नगर पुलिस की नजर पटाखों की दुकान पर है। बेरियम नाइट्रेट युक्त पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है और सख्त तौर पर ये आदेश जारी कर दिया गया है कि नियम का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनता से भी अपील की जा रही है कि वो सावधानी बरतें और दीपावली मनाएं।
पीडीडीयू नगर में बेरियम नाइट्रेट मिश्रित पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। पुलिस ने पटाखा विक्रेताओं को इसका हर हाल में पालन करने का निर्देश दिया है। नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में सबसे ज्यादा पटाखों की दुकानें पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में लगती है। प्रशासन के आदेश पर इस बार दामोदरदास पोखरे के पास एक दर्जन से अधिक पटाखे की दुकानें लगाई गई हैं। सीओ पीडीडीयू नगर ने दुकानदारों को सुप्रीम कोर्ट के बेरियम नाइट्रेट मिश्रित पटाखों की बिक्री पर रोक के आदेश का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी है।
पीडीडीयू नगर सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि बेरियम मिश्रित पटाखों की बिक्री पर रोक लगाई गई है। कोई भी दुकानदार बेरियम नाइट्रेट युक्त पटाखों की बिक्री करता मिलेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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क्या होता है बेरियम नाइट्रेट
बेरियम नाइट्रेट एक आक्सीडाइजर है, जिसका इस्तेमाल आतिशबाजी में हरे रंग की लपटें पैदा करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा बेरियम नाइट्रेट का इस्तेमाल विशेष ग्लास बनाने में भी किया जाता है। बेरियम नाइट्रेट के दहन से निकलने वाले पदार्थ पानी में घुल जाते हैं और शरीर उन्हें आसानी से अवशोषित कर लेता है। इससे स्वास्थ्य पर खराब असर पड़ता है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों में बेरियम समेत अन्य प्रतिबंधित रसायनों के इस्तेमाल पर रोक लगाने का आदेश दिया है।
बटर फ्लाई, अनार बम और क्रेडलीन अनारा की मांग ज्यादा
पीडीडीयू नगर के दामोदार दास पोखरे के पास पटाखों की दुकानें लगाई गई हैं। इस बार नए पटाखे में बटर फ्लाई बच्चों को खूब पसंद आ रहा है। इसे जलाने पर यह तितली की तरह कुछ देर तक ऊपर उड़ेगा। 300 रुपये में 10 पीस का डिब्बा दुकानों में उपलब्ध है। वहीं, 100 सीएम फुलझड़ी, एक बार जलाने पर आधे घंटे तक रोशनी देती है। यह 1500 रुपये डिब्बा बिक रही है। हालांकि इस बार पांच और 10 हजार दाना वाला पटाखा बाजार में बहुत कम है। क्रेडलीन अनारा, यह अनार बम से अलग है। यह जब तक जलता है, तब तक चट चट की आवाज करता है। यह 800 रुपये डिब्बा बिक रहा है। 250 में 10 पीस वाला अनार बम भी मौजूद है।
पटाखा से जलने पर न लगाएं टूथपेस्ट
अक्सर देखा जाता है पटाखे या आग से जलने पर लोग टूथपेस्ट लगाते हैं। जिला अस्पताल के डॉ. संजय ने बताया कि टूथपेस्ट लगाने से जलन से राहत तो मिलती है, लेकिन यह को नुकसान पहुंचाता है। दरअसल, टूथपेस्ट में सोडियम फ्लोराइड होता है, जिससे स्किन डैमेज हो सकती है। पटाखा से जलने पर उस भाग को पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए और उसके बाद एंटी सेप्टिक लोशन लगाना चाहिए। जब स्किन सूख जाए तो उस पर कोई क्रीम लगा सकते हैं। अगर घर में क्रीम नहीं है तो नारियल के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके बाद डॉक्टर के परामर्श से इलाज कराना चाहिए।
पटाखा जलाते समय बरतें सावधानी
संकरी गलियों में पटाखे न जलाएं। बेहतर होगा कि खुली जगह या पार्क का इस्तेमाल करें। पटाखा जलाते समय बच्चों को अकेला न छोड़ें। बड़ों की देखरेख में पटाखे जलाने दें। पटाखा जलाते समय बच्चों को सूती, पूरी बांह के और ढीले कपड़े पहनाएं।
पटाखा से जलने के बाद अगर त्वचा पर छाले पड़ जाएं तो उन्हें फोड़ने की गलती न करें। इससे इंफेक्शन हो सकता है।