जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने शनिवार को तहसील सभागार में जिलास्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस पर फरियादियों की समस्याओं को सुना। इस दौरान तहसील के कानूनगो और लेखपालों की ओर से राजस्व मामलों में हीला हवाली पर कड़ी नाराजगी जताया। एक कानूनगो को निलंबन की चेतावनी दिया। वहीं, एक महिला की ओर से एक ही जमीन को कई लोगों को बेचने के मामले में जांच कराने के लिए कहा। इस दौरान कुल 128 प्रार्थना पत्र आए। मौके पर 12 शिकायत पत्रों का निस्तारण किया गया। डीएम ने चेताया कि निस्तारण समय से नहीं होने पर संबधित विभाग के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
संपूर्ण समाधान दिवस पर दो तीन महिला सहित कई अन्य ने आरोप लगाया कि सकलडीहा में एक महिला भू स्वामी द्वारा तीन वर्ष पूर्व जमीन की रजिस्टरी कराया गया था, पूरा पैसा देने के बाद भी जमीन पर कब्जा नहीं दिया जा रहा है। एक ही जमीन को कई लोगों को रजिस्टरी किया जा रहा है। उक्त महिला विक्रेता के खिलाफ तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेमप्रकाश मीणा ने बुल्डेाजर की कार्रवाई किया था। डीएम ने मामले की जांच कर विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा। इसके अलावा अंश निर्धारण सहित अन्य मामलों में कानूनगो और लेखपालों की लापरवाही पर नाराजगी जताई। एक कानूनगो को कहा कि एक साल से तुम्हारी शिकायत मिल रही है। तहसीलदार को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा कि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों से कहा कि प्राप्त शिकायतों को समय से निस्तारण किया जाए। निस्तारण के समय गुणवत्ता का विशेष ध्यान दिया जाए। सभी लाभार्थीपरक योजनाएं जैसे वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन, निराश्रित पेंशन योजना से लाभान्वित करने, निर्विवाद वरासत सहित अन्य मामले को तत्काल सुलझाने के लिए कहा। अंत में शिकायत पत्र पर टीम गठित कर तत्काल मौके पर भेजने का के लिए कहा।