जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने गुरुवार को नौबतपुर चेकपोस्ट, वन चौकी और
माधोपुर में निर्मित होने वाले मेडिकल कालेज की भूमि का औचक निरीक्षण किया।
वन चौकी के निरीक्षण में वनाधिकारी को निर्देश दिया कि बाहरी
व्यक्तियों को सरकारी कार्यों में शामिल नहीं किया जाए। डीएम के निरीक्षण
से दलालों और अधिकारियों में खलबली मची रही। नौबतपुर के वाणिज्य कर
कार्यालय और चेकपोस्ट केे निरीक्षण के दौरान आने वाली ट्रकों का नाम
रजिस्टर में अंकित नहीं किए जाने पर संबंधित अधिकारी को सख्त हिदायत दी।
कहा हर हाल में ट्रकों का नाम दर्ज किया जाना चाहिए।
डीएम ने उपायुक्त
वाणिज्यकर को निर्देश दिया कि अन्य प्रांतों से आने वाली गाड़ियों की बहती
बिहार में ही इंटरनेट पर डाउनलोड किया जाए। अधिकारियों की उदासीनता पर कहा
कि कार्य को देखते हुए नहीं लगता है कि अधिकारी अपने दायित्वों का सही
प्रकार से निर्वहन कर रहे हैं।
इससे सरकार को भी राजस्व की हानि हो रही है।
इसके लिए सीधे तौर पर उपायुक्त वाणिज्यकर जिम्मेदार हैं। निर्देश दिया कि
फार्म 38 पूरी तरह से पूर्ण होना चाहिए। इसी क्रम में जिलाधिकारी ने
माधोपुर में निर्मित होने वाले मेडिकल कालेज की भूमि का भी निरीक्षण किया।