चंदौली। परिषदीय विद्यालयों में मिशन कायाकल्प योजना के तहत शिक्षा विभाग विकास कार्यों की सटीक जानकारी नहीं दे सका है। इसके चलते प्रदेश की रैंकिंग में जिले को 35वें स्थान को रखा गया है। बुधवार को विकास भवन में बैठक के दौरान सीडीओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने जिम्मेदारों को कार्यशैली में परिवर्तन लाने की चेतावनी दी। उन्होंने आगे से योजना के तहत सभी कार्यों को पोर्टल पर अपडेट करने की नसीहत दी।
शासन की ओर से आपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों में विकास के 14 इंडिकेटर्स तय किए गए हैं। इसमें सात कार्य विद्यालय की कंपोजिट ग्रांट से कराए जाने हैं। आइजीआरएस पोर्टल पर डाटा अपलोड न होने की वजह से जिले की रैंकिंग गिरकर 35वें स्थान पर पहुंच गई है। सीडीओ ने कहा स्कूल में यदि नल व हैंडपंप की भी मरम्मत कराएं, तो इसकी भी रिपोर्ट पोर्टल पर जरूर अपलोड करें। प्रधानाध्यापक जहां भी हों, वहीं से सूचना अपलोड कर दें। इसके लिए विद्यालय में मौजूद रहना जरूरी नहीं है। प्रत्येक कार्य की रिपोर्ट अपलोड होगी, तो सुधार जरूर होगा। ‘वर्क गोइंग आन प्रोग्रेस’ (कार्य की प्रगति) की सभी सूचनाएं शासन से मांगी जा रही हैं। इसमें कदापि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे में बीएसए सभी प्रधानाध्यापकों को इसके लिए निर्देशित करें। हर हाल में आपरेशन कायाकल्प का डाटा अपलोड किया जाना चाहिए। बीएसए भोलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया 64 फीसद मामलों में प्रधान व सचिव सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसके चलते आपरेशन कायाकल्प में मुश्किलें आ रही हैं। सीडीओ ने जिला पंचायत राज अधिकारी से कहा कि इसमें लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। प्रधानों से बात कर निर्धारित बिंदुओं के कार्य पूर्ण कराएं। डीपीआरओ ब्रह्मचारी दुबे ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि ग्राम प्रधान अपने स्तर से पूरा सहयोग कर रहे हैं। यदि किसी गांव में दिक्कत है तो शिक्षा विभाग संपर्क कर सकता है। स्कूलों के कायाकल्प में किसी तरह की कमी नहीं रहेगी। इस दौरान बीइओ विजयप्रताप यादव, जिला समन्वयक मनोज श्रीवास्तव, पद्मकांत शुक्ल, एमपी चौबे उपस्थित रहे।