कंदवा। घरेलू रसोई गैस की कीमतों में हुई 145 रुपये की वृद्धि से गृहिणीयों की चिंता काफी बढ़ गई है। गैस की कीमत में वृद्धि का सीधा असर पड़ने से उनकी रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। रसोई गैस की बढ़ी कीमतों से निराश कुछ गृहिणियों ने बातचीत में अपनी राय रखी।
खोर गांव निवासी बीना सिंह ने कहा कि रसोई गैस के दाम बुधवार को 145 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ा दिए गए हैं। रसोई गैस के दाम में हुई भारी बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने एक तरफ गरीब महिलाओं को मिट्टी के चूल्हे से आजादी दिलाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन दिए हैं तो वहीं दूसरी तरफ रसोई गैस के दाम में 145 रुपये की हुई बढ़ोतरी ने मध्यमवर्गीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सरकार को बढ़ाए गए मूल्य को तुरंत वापस कर महिलाओं को राहत देनी चाहिए। असना गांव निवासी सुषमा सिंह का कहना है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे लोगों को केंद्र सरकार ने महंगाई की आग में झोंक दिया है। रसोई गैस की बढ़ी कीमतों के बाद किचन संभालना मुश्किल हो गया है। अदसड़ गांव निवासी गृहणी पूनम जायसवाल का कहना कि महंगाई के दौर में रसोई गैस की कीमत में की गई वृद्धि मुंह से निवाला छीनने के समान है। इस बढ़ोतरी के बाद खाना पकाना और भी महंगा हो जाएगा। वहीं बरहनी गांव निवासी किरन सिंह कहना है कि केंद्र सरकार महंगाई रोकने में पूरी तरह विफल रही है। अभी होली का त्योहार आने वाला है। उस समय घरों में विभिन्न प्रकार के पकवान बनाए जाते हैं। ऐसे में काफी परेशानी होगी। गैस के बढ़े दामों ने महंगाई की आग में घी डालने का काम किया है।