ग्राम्या संस्थान और महिला स्वास्थ्य अधिकार मंच की ओर से सोमवार को
मुख्यालय स्थित सीएमओ कार्यालय परिसर में जिला स्तरीय संवाद का आयोजन किया
गया।
इस दौरान नौगढ़ क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने
पर चर्चा की गई और सरकार की ओर से संचालित सेवाओं को सुचारु रूप से संचालन
करने पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर नीतू सिंह ने कहा कि जनपद के सुदूर
इलाकों ने जनता को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मंशा से स्थापित
किए गए उप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अपने मूल से भटक गए।
इन उपकेंद्रों की
स्थिति काफी दयनीय है। इससे लोग बिना इलाज के उक्त केंद्रों से निराश होकर
लौट जाते हैं। यही नहीं अधिकांश स्थानों पर जरूरी दवाएं व उपकरण नदारद
रहते हैं। वहीं कुछ उपकेंद्र साफ-सफाई के अभाव में खंडहर में तब्दील होते
जा रहे हैं।
उप प्राथमिक केंद्रों का संचालन ठीक ढंग से नहीं होने के कारण
ग्रामीण क्षेत्र की जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सुनीता
सिंह ने कहा कि सरकारी एएनएम पर काम का दबाव अधिक रहता है, जिसके कारण वे
उप-स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं रह पाती।
इसके साथ ही उप-स्वास्थ्य केंद्र पर
उनके रहने की कोई उचित व्यवस्था भी नहीं है। एडिशनल सीएमओ डा. एसपी सिंह ने
कहा कि इस समस्या को दूर करने के लिए जल्द ही जनपद के सभी बीडीओ को पत्र
भेजा जाएगा।
नौगढ़ के अलावा कोई भी केंद्र प्रसव के लिए घोषित नहीं है, पर
मांगों पर गंभीरता के साथ विचार किया जाएगा। इसके पूर्व महिला स्वास्थ्य
अधिकार मंच से जुड़ी महिलाओं ने संवाद कार्यक्रम के दौरान अपनी समस्याओं व
सुझावों को स्वास्थ्य अधिकारियों संग साझा किया।
इसके अलावा बिंदु सिंह ने
भी स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर प्रकाश डाला। इस अवसर डा. संजय
कुमार पटेल, कुमारी, रामविलास, त्रिभुवन, प्यारी, रामरती, सुशीला,
तारा,धर्मराज आदि उपस्थित रहीं। संचालन सुरेंद्र सिंह ने किया।