शिकारगंज। क्षेत्र के बलिया खुर्द गांव निवासी कृष्ण मुरारी गोंड (55) 17 जून को घर से बक्सर बहन के घर जाने के लिए निकले थे न रिश्तेदारी पहुंचे न घर। दिव्यांग पत्नी 10 दिनों से पति का इंतजार कर रही है। परिजनों ने काफी खोजबीन के बाद कोतवाली पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज तो कर दी लेकिन घर के मुखिया को खोजने के लिए परिजनों का हाल बेहाल है।
बलिया खुर्द गांव निवासी कृष्ण मुरारी परिवार का भरण पोषण जंगल से लकड़ी लाकर या फिर अपने आवास पर लोगों का दाना भूंजकर करते हैं। वह 17 जून को बहन शकुंतला के घर उनवास गांव थाना इटारी जिला बक्सर जाने के लिए निकले। परिजनों के अनुसार कृष्ण मुरारी मूकबधिर थे, वह अपनी बड़ी बहन के घर कई बार आ जा चुके हैं। कृष्ण मुरारी की मां फूला देवी नेत्रहीन हैं। पत्नी रीना देवी विकलांग है। उनकी दो पुत्रियां खुशबू (19) और रितु (16) पिता को लेकर काफी चिंतित हैं और परेशान हैं। पुत्री खुशबू ने ग्राम प्रधान प्रवीण कुशवाहा के साथ कोतवाली पहुंचकर 22 जून को पिता कृष्ण मुरारी को घर से जाने और वापस न आने की गतिविधियों की जानकारी लिखित रूप से कोतवाली पुलिस को देकर उनकी खोज की अपील की। उनके गायब होने के बाद परिजनों की हालात को देखते हुए खोज के लिए पीडीडीयू नगर रेलवे स्टेशन पहुंचकर 22 जून को रेलवे सुरक्षा बल को प्रार्थना पत्र देकर स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज देखने की अपील की। 17 जून को 11:37 पर दिन में मुख्य स्टेशन से अंदर आते हुए कृष्ण मुरारी को कमरे में देखा गया लेकिन फिर कहीं अन्य स्थान पर नजर नहीं आया।